उद्धव से 'पंगा' लेने वाले नारायण राणे हैं कितनी प्रॉपर्टी के मालिक, जानिए
केंद्रीय मंत्री नारायण राणे ने महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे पर एक ऐसा बयान दिया कि पूरे राज्य में सियासी बवाल मच गया।
नई दिल्ली, 24 अगस्त: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर दिए गए एक विवादिय बयान को लेकर केंद्रीय मंत्री नारायण राणे मुश्किलों में घिर गए हैं। दरअसल, भाजपा की जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान नारायण राणे ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर दिए गए अपने भाषण में सीएम उद्धव ठाकरे ये भी भूल गए कि देश को आजाद हुए कितने साल हुए हैं और अगर मैं वहां होता तो उन्हें एक थप्पड़ मारता। राणे के इस बयान को लेकर पुलिस ने उनके खिलाफ केस दर्ज करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, इस पूरे मामले को लेकर महाराष्ट्र की सियासत भी गर्मा गई है। ऐसे में आइए जानते हैं कि उद्धव ठाकरे पर विवादित बयान देने वाले नारायण राणे कितनी संपत्ति के मालिक हैं?

ये है नारायण राणे की कुल प्रॉपर्टी
केंद्र सरकार में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री नारायण राणे 2018 में महाराष्ट्र से राज्यसभा के सांसद चुने गए थे। चुनाव आयोग को दिए गए अपने शपथ-पत्र में नारायण राणे ने कुल 87,77,84,105 (करीब 88 करोड़) रुपए की संपत्ति का खुलासा किया। 2018 में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान महाराष्ट्र से जिन 7 उम्मीदवारों ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन किया था, नारायण राणे उनमें सबसे रईस उम्मीदवार थे।

बैंक खातों में 18 करोड़ 18 लाख रुपए
चुनाव आयोग को दिए गए शपथ-पत्र के मुताबिक, नारायण राणे और उनके परिवार के पास उस वक्त अलग-अलग बैंक खातों में कुल 18 करोड़ 18 लाख रुपए जमा थे। इसके अलावा राणे और उनके परिवार के लोगों ने अलग-अलग कंपनियों में करीब 2 करोड़ रुपए का निवेश भी किया हुआ है। नारायण राणे के पास करीब 56 लाख रुपए की एलआईसी की तीन पॉलिसी भी हैं।

7 करोड़ 60 लाख रुपए की गोल्ड, सिल्वर और डायमंड ज्वैलरी
केंद्रीय मंत्री नारायण राणे और उनके परिवार के नाम पर कुल पांच गाड़ियां हैं, जिनमें दो मर्सिडीज बेंज भी शामिल हैं। इन गाड़ियों की कुल कीमत करीब 3 करोड़ 58 लाख रुपए है। इसके अलावा उनके पास करीब 7 करोड़ 60 लाख रुपए की गोल्ड, सिल्वर और डायमंड ज्वैलरी है। नारायण राणे और उनके परिवार के नाम पर करीब 8 करोड़ रुपए की कृषि भूमि और 8 करोड़ 40 लाख रुपए की गैर-कृषि भूमि है। साथ ही नारायण राणे 5 करोड़ 70 लाख रुपए की कमर्शियल बिल्डिंग और करीब 20 करोड़ रुपए की आवासीय बिल्डिंग के मालिक हैं।

कौन हैं नारायण राणे?
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके नारायण राणे के मौजूदा सीएम उद्धव ठाकरे पर विवादित बयान को लेकर बवाल मचा हुआ है, लेकिन एक दौर ऐसा भी था, जब उनकी गिनती शिवसेना के ही कद्दावर नेताओं में की जाती थी। यही नहीं, नारायण राणे जुलाई 2005 तक महाराष्ट्र विधानसभा में शिवसेना के नेता विपक्ष भी रहे। इसके बाद शिवसेना से नारायण राणे का नाता टूट गया और वो कांग्रेस में शामिल हो गए। सितंबर 2017 में उन्होंने कांग्रेस को भी अलविदा कह दिया और महाराष्ट्र स्वाभिमान पक्ष के नाम से अपनी नई पार्टी बनाई।
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और फिर भाजपा में शुरू हुआ राणे का सफर
धीरे-धीरे नारायण राणे की नजदीकियां भाजपा के साथ बढ़ीं और 2018 में वो बीजेपी के समर्थन से राज्यसभा के लिए चुने गए। इसके बाद 15 अक्टूबर 2019 को उन्होंने अपनी पार्टी महाराष्ट्र स्वाभिमान पक्ष का विलय भाजपा में कर दिया और पूरी तरह से भगवा पार्टी के साथ जुड़ गए। हाल ही में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट का विस्तार हुआ, तो उन्हें दिल्ली बुलाकर केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री बनाया गया।

राणे के बयान पर क्यों मचा हंगामा?
दरअसल, सोमवार को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में भाजपा की जन आशीर्वाद यात्रा का एक कार्यक्रम रखा गया था। इस दौरान केंद्रीय मंत्री नारायण राणे ने प्रदेश के सीएम उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा, 'बहुत ही शर्म की बात है कि हमारे राज्य के मुख्यमंत्री को ये ही नहीं पता कि देश को आजाद हुए कितने साल हो गए। 15 अगस्त के अवसर पर जब वो भाषण दे रहे थे तो बार-बार पीछे मुड़कर अपने अधिकारियों से पूछ रहे थे। अगर मैं उस वक्त वहां मौजूद होता तो उन्हें एक जोरदार थप्पड़ मार देता।' इस बयान को लेकर नारायण राणे के खिलाफ कई शिकायत पुलिस के पास पहुंची, जिसके बाद उनके ऊपर एफआईआर दर्ज करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

राणे के खिलाफ कहां-कहां दर्ज हुई FIR
अभी तक की जानकारी के मुताबिक, नारायण राणे के खिलाफ पुणे के चतुरशृंगी पुलिस थाने में सीएम उद्धव ठाकरे पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में आईपीसी की धारा 153 और 505 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अलावा नासिक साइबर पुलिस ने भी शिवसेना के एक नेता की शिकायत पर राणे के खिलाफ केस दर्ज किया है। नारायण राणे की गिरफ्तारी होने के बाद ठाणे के नौपाड़ा में भी उनके ऊपर आईपीसी की धारा 500, 505 (2) और 153-बी (1) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

नारायण राणे के बचाव में उतरी पूरी भाजपा
नारायण राणे के ऊपर एफआईआर दर्ज होने के भाजपा के दिग्गज नेता उनके बचाव में उतर आए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष ने जहां इस कार्रवाई को लेकर सीएम उद्धव ठाकरे पर हमला बोला है, वहीं पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी ट्वीट कर इसे संवैधानिक मूल्यों का हनन बताया है। जेपी नड्डा ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'महाराष्ट्र सरकार द्वारा केंद्रीय मंत्री नारायण राणे की गिरफ्तारी संवैधानिक मूल्यों का हनन है। इस तरह की कार्यवाही से ना तो हम डरेंगे, ना दबेंगे। भाजपा को जन-आशीर्वाद यात्रा में मिल रहे अपार समर्थन से ये लोग परेशान हैं। हम लोकतांत्रिक ढंग से लड़ते रहेंगे, यात्रा जारी रहेंगी।'
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