सीएम ममता को उनके गढ़ भवानीपुर में ही टक्कर देने वालीं प्रियंका हैं कितनी प्रॉपर्टी की मालिक?
पश्चिम बंगाल में भवानीपुर सीट पर होने वाले उपचुनाव में सीएम ममता के सामने भाजपा ने प्रियंका टिबरेवाल को उतारा है।
कोलकाता, 10 सितंबर: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां खत्म होने के महज चार महीने बाद ही प्रदेश का सियासी माहौल एक बार फिर से गर्म हो गया है। नंदीग्राम सीट पर हार के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने गढ़ भवानीपुर से चुनाव मैदान में हैं, जहां उनके मुकाबले में भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तेजतर्रार नेता प्रियंका टिबरेवाल को टिकट दिया है। प्रियंका टिबरेवाला भाजपा की वही नेता हैं, जो पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा के मामले को कोर्ट तक लेकर आई हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि भवानीपुर में ममता बनर्जी और प्रियंका टिबरेवाल के बीच एक कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं कि सीएम ममता को उन्हीं के गढ़ में चुनौती देने वालीं प्रियंका टिबरेवाल कितनी प्रॉपर्टी की मालकिन हैं।
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प्रियंका टिबरेवाल के पास है इतनी प्रॉपर्टी
भवानीपुर सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में प्रियंका टिबरेवाल भाजपा के टिकट पर नॉर्थ कोलकाता की एंटल्ली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ीं थी, जहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा। एंटल्ली सीट पर प्रियंका को महज 43,452 वोट मिले थे। इस चुनाव में इलेक्शन कमीशन को दिए अपने शपथ पत्र में प्रियंका टिबरेवाल ने कुल 3.53 करोड़ रुपए की संपत्ति का खुलासा किया था।

शपथ-पत्र में दो गाड़ियों का खुलासा
चुनाव आयोग को दिए गए उनके शपथ पत्र के मुताबिक, प्रियंका टिबरेवाल और उनके परिवार के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में करीब 6 लाख रुपए जमा हैं। इसके अलावा उन्होंने करीब 76 लाख रुपए का निवेश म्यूचुअल फंड्स और कुछ अन्य कंपनियों में किया हुआ है। प्रियंका और उनके परिवार के नाम पर दो महिंद्रा स्कॉर्पियो गाड़ी हैं, जिनकी कीमत लगभग 31 लाख रुपए है।

13.76 लाख रुपए की ज्वैलरी
प्रियंका टिबरेवाल ने अपने शपथ पत्र में 13 लाख 76 हजार रुपए की सोने, चांदी और डायमंड की ज्वैलरी का भी खुलासा किया है। प्रियंका के परिवार के नाम पर कोलकाता में एक कमर्शियल बिल्डिंग है, जिसकी कीमत करीब 30 लाख रुपए है। इसके अलावा प्रियंका और उनके परिवार के पास कोलकाता में ही तीन फ्लैट हैं, जिनकी मार्केट वैल्यू उन्होंने 1 करोड़ 30 लाख रुपए बताई है।

कौन हैं प्रियंका टिबरेवाल
पेशे से वकील प्रियंका टिबरेवाल कोलकाता हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में वकालत करती हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ कोलकाता के हजरा लॉ कॉलेज से एलएलबी की डिग्री हासिल की और इसके बाद थाईलैंड की असेम्प्शन यूनिवर्सिटी से 2009 में एमबीए किया। प्रियंका टिबरेवाल मीडिया की सुर्खियों में उस वक्त आईं, जब उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा के मामले को लेकर स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए कोर्ट में याचिका दाखिल की।

हाईकोर्ट में दिया ममता सरकार को झटका
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा में भाजपा कार्यकर्ता अभिजीत सरकार की हत्या के मामले में प्रियंका टिबरेवाल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने ना केवल सीबीआई जांच के आदेश दिए, बल्कि ममता सरकार को इस मामले में एक एसआईटी गठित करने का भी निर्देश दिया। हिंसा के इस मामले को लेकर मानवाधिकार आयोग की एक टीम भी पश्चिम बंगाल के हिंसाग्रस्त इलाकों का दौरा कर चुकी है।

भाजपा में आने से पहले क्या करती थीं प्रियंका
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, प्रियंका टिबरेवाल अगस्त 2014 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुईं थी और इससे पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो के कानूनी सलाहकार के तौर पर काम करती थीं। बताया जाता है कि भाजपा में आने का फैसला भी प्रियंका ने बाबुल सुप्रियो के आग्रह और पीएम नरेंद्र मोदी से प्रभावित होकर लिया था। इसके बाद 2020 में भाजपा ने उन्हें पश्चिम बंगाल में यूथ विंग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया। इस समय उनकी गिनती भाजपा के तेजतर्रार युवा नेताओं में की जाती है।

एंटल्ली विधानसभा सीट पर प्रियंका को किसने हराया
2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने प्रियंका टिबरेवाल को नॉर्थ कोलकाता की एंटल्ली सीट से मैदान में उतारा था, जहां उन्हें टीएमसी उम्मीदवार स्वर्ण कमल साहा ने 58,257 वोटों से हराया। इस चुनाव में जहां स्वर्ण कमल साहा को 1,01,709 वोट मिले, वहीं प्रियंका के खाते में केवल 43,452 वोट ही गए। इससे पहले 2015 में उन्होंने भाजपा उम्मीदवार के तौर पर ही एंटल्ली के वार्ड संख्या 58 से कोलकाता नगर परिषद का चुनाव भी लड़ा था, लेकिन उन्हें टीएमसी कैंडिडेट के सामने हार मिली। हालांकि हार के बावजूद प्रियंका टिबरेवाल पूरी तरह से भाजपा में एक्टिव रहीं और पार्टी ने भवानीपुर उपचुनाव में एक बार फिर से उनके ऊपर भरोसा जताया है।

'अपनी बेटी को चुनना चाहता है भवानीपुर'
ममता बनर्जी के सामने अपने नाम का ऐलान होने के बाद शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए प्रियंका टिबरेवाल ने कहा कि भवानीपुर के लोग अब अपनी बेटी को चुनना चाहते हैं। प्रियंका टिबरेवाल ने बताया, 'ममता बनर्जी का नहीं, बल्कि मेरा जन्म भवानीपुर में हुआ है और इसीलिए यहां की जनता अब अपनी बेटी को विधायक के तौर पर देखना चाहती है। भवानीपुर की जनता ने टीएमसी को मौका दिया, लेकिन ममता बनर्जी ने खुद के लिए एक चुने हुए नेता को हटवा दिया। बंगाल में लोकतंत्र को ऐसे ही खत्म किया जा रहा है। टीएमसी की नजर में जनता के विचारों और वोटों का कोई सम्मान नहीं है।'
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