अयोध्या के लोग सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले से कितने ख़ुश- ग्राउंड रिपोर्ट

अयोध्या
Getty Images
अयोध्या

शनिवार की शाम जब सरयू नदी के किनारे स्थित मंदिरों के गुंबदों के पीछे सूरज ढल रहा था तो अयोध्या शहर शांत था.

जॉगिंग के लिए निकले लोग उन पुजारियों में मिले जो श्रद्धालुओं के साथ जा रहे थे. नदी की ओर मंदिर परिसर में श्रद्धालु श्लोक पढ़ रहे थे. हर चीज़ यहां सामान्य दिखी.

कुछ घंटे पहले ही मंदिरों वाले इस शहर के लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के उस फ़ैसले का जश्न मनाया था जिसमें राम मंदिर बनाने की इजाज़त दी गई थी. लेकिन शाम तक वो अपने रोज़मर्रा के कामों पर लौट गए.

सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का वास्तव में अयोध्या के सभी लोगों ने स्वागत किया.

लोगों में राहत भावना थी. स्थानीय निवासी और दुकानदार कार्तिक गुप्ता और उनके भाई राकेश गुप्ता ने कहा कि राम मंदिर बनने की ख़बर से वो काफ़ी ख़ुश थे लेकिन उन्हें ये जानकर अधिक ख़ुशी हुई कि लोगों में दरार डालने वाला दशकों पुराना यह मुद्दा अब ख़त्म हो गया.

अयोध्या
Getty Images
अयोध्या

कार्तिक ने कहा, "दो पीढ़ियों से मंदिर-मस्जिद विवाद में पूरा देश बँटा हुआ था लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट की ओर से इस मामले का अंत हो गया."

उनके भाई का भी यही विचार था, "ये फ़ैसला देश के लिए बढ़िया है. कम से कम अब हम आगे बढ़ सकते हैं."

अपने धार्मिक लिबास में पुजारियों का एक समूह इस बात से ख़ुश था कि अंततः विवादित ज़मीन पर राम मंदिर बनेगा लेकिन उनका कहना था वो इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने वाले राजनेताओं से ऊब चुके हैं.

अयोध्या
Getty Images
अयोध्या

इनमें से एक ने कहा, "ये धार्मिक मुद्दा था. लेकिन अलग-अलग राजनीतिक दलों ने इसे एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना दिया. सुप्रीम कोर्ट ने अब उनका मुद्दा छीन लिया है."

आम तौर पर ये माना जाता है कि भारतीय जनता पार्टी राम जन्मभूमि आंदोलन के उभार का श्रेय ख़ुद लेती है, जिसे उसके अनुषांगिक संगठनों विश्व हिंदू परिषद और आएसएस ने शुरू किया था.

20 नवंबर 1990 को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर बैठे तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी
Getty Images
20 नवंबर 1990 को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर बैठे तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी

माना जाता है कि बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष लाल कृष्ण आडवाणी ने राम मंदिर के लिए जब अपनी रथ यात्रा निकाली तो उन्होंने बीजेपी को राष्ट्रीय स्तर की पार्टी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

और अंततः बाद के सालों में बाबरी मस्जिद ढहा दी गई. साल 1984 में हुए संसदीय चुनावों में बीजेपी ने केवल दो सीटें जीती थीं. उसी बीजेपी ने 1991 के आम चुनावों में 125 सीटों पर जीत दर्ज की.

अयोध्या
BBC
अयोध्या

स्थानीय लोगों की राय

मंदिरों के इस शहर में एक भी स्थानीय निवासी ढूंढ पाना मुश्किल है जो इस तथ्य पर ज़ोर न देता हो कि मंदिर-मस्जिद मुद्दे पर हिंदुओं और मुसलमानों के बीच उनके कस्बे में कोई बैर भाव नहीं है.

एक स्थानीय पुजारी राम चंद्र पांडे ने कहा कि अयोध्या में रह रहे बड़ी संख्या में मुसलमान बहुत पहले से दर्जनों मंदिरों से जुड़े हुए हैं.

वो कहते हैं, "हमारे पड़ोसी मुस्लिम हैं जिनकी आजीविका उन छोटे कारोबार से पैदा होती है जो श्रद्धालुओं और स्थानीय हिंदुओं से जुड़ा है."

शनिवार की सुबह हनुमानगढ़ी में विवादित स्थल की ओर जाने वाले रास्ते पर लगे पुलिस बैरिकेड के पास मैं खड़ा था.

अयोध्या
BBC
अयोध्या

हनुमानगढ़ी की सड़क के दोनों ओर दुकानदार, ग्राहक, श्रद्धालु और मंदिर के पुजारी अपने टीवी सेटों से चिपके हुए थे और समाचार चैनलों पर ख़बरें देख रहे थे.

जैसे ही उन्हें पता चला कि कोर्ट ने राम मंदिर के पक्ष में फ़ैसला सुनाया, उनमें ख़ुशी का शोर उठा जैसे क्रिकेट टीम जीत गई हो.

अयोध्या की तंग सड़कों पर जय श्रीराम के नारे गूंजने लगे. छोटे-छोटे समूहों में मौजूद लोगों की मुठ्ठियां ख़ुशी में हवा में लहरा गईं. सुबह की सूरज की रोशनी में उनके चेहरे चमक उठे.

लेकिन जश्न का कोई भोंड़ा प्रदर्शन नहीं हुआ जो कि अनियंत्रित भीड़ की एक ख़ासियत बन चुका है. वे अयोध्या के आम लोग थे और कोई ज़रूरी नहीं था कि वो किसी पार्टी से जुड़े हुए हों.

उन्होंने जश्न मनाया लेकिन बहुत संयमित होकर जैसे वो बताना चाहते हों कि वो अपने मुसलमान पड़ोसियों की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहते हों.

बैरिकेड
Getty Images
बैरिकेड

पश्चिम बंगाल से आए एक अध्यापक राम चरन शुक्ला कोर्ट के फ़ैसले से बहुत ख़ुश थे. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ये फ़ैसला देश के सभी नागरिको के लिए है.

उन्होंने कहा, "यहां तक कि मुसलमान भी मंदिर बनाने में सहयोग कर सकते हैं. आख़िरकार हम सभी अपने धार्मिक जगहों पर पूजा अर्चना करते हैं और हम दोनों एक दूसरे का सम्मान करना चाहते हैं."

इसके बाद उन्होंने मुसलमानों के प्रति अपने सम्मान को जताने के लिए मुझे क़ुरान की एक पंक्ति भी सुनाई.

अयोध्या के लोगों ने कोर्ट के फ़ैसले को शांति और भाईचारे के संदेश के रूप में समझा, जैसा वो ये जताना चाहते हों कि फ़ैसला हिंदू मुसलमान के भेद को ख़त्म कर देगा और देश को एक बार और हमेशा के लिए एक सूत्र में जोड़ देगा.

अयोध्या
BBC
अयोध्या

क्या बोले इक़बाल अंसारी

कई लोग बात करने को तैयार नहीं थे. ये साफ़ नहीं था कि वो डर के कारण बात नहीं कर रहे थे या वे इस जश्न के माहौल को ख़राब नहीं करना चाहते थे. लेकिन कुछ लोगों ने बोला और उन्होंने कहा कि उन्हें फ़ैसला स्वीकार है.

इस मुक़दमे में एक पक्षकार थे इक़बाल अंसारी, जिनको सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड का समर्थन हासिल था. उन्होंने मुझे बताया कि वो ख़ुश हैं कि ये मामला ख़त्म हो गया.

उन्होंने कहा, "सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले को मैं स्वीकार करता हूं. मैंने पहले भी कहा था कि मैं कोर्ट के फ़ैसले को स्वीकार करूंगा और अब भी मैं कह रहा हूं कि चूंकि कोर्ट का फ़ैसला आ चुका है मुझे अपना वादा पूरा करना है."

उन्होंने इस तथ्य पर भी ज़ोर दिया कि वो इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ कोई पुनर्विचार याचिका दायर नहीं करने जा रहे हैं.

इक़बाल अंसारी
Getty Images
इक़बाल अंसारी

नाख़ुश है निर्मोही अखाड़ा

निर्मोही अखाड़ा इस मुक़दमे का एक और पक्षकार था, जिसके दावे के कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया.

निर्मोही अखाड़ा के धार्मिक गुरु ने मुझसे कहा कि वो इस फ़ैसले से ख़ुश नहीं हैं. लेकिन उन्होंने ये ज़रूर कहा कि आगे क्या कार्यवाही की जाएगी, इस पर संगठन निर्णय लेगा.

कोर्ट ने अपने फ़ैसले में आदेश दिया है कि केंद्र सरकार तीन महीने के अंदर एक ट्रस्ट बनाए जिसका काम राम मंदिर बनाना और उसकी देखभाल करना होगा.

अयोध्या
BBC
अयोध्या

स्थानीय लोगों की एक बड़ी संख्या ने इस फ़ैसले का स्वागत किया है. मुझसे बात करने वाले क़रीब-क़रीब सभी निवासियों ने कहा कि वो ख़ुश हैं कि ये आदेश उन संगठनों पर रोक लगा सकता है जो मंदिर निर्माण और उसके रख-रखाव के लिए एक दूसरे से होड़ कर रहे थे.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+