योगी आदित्यनाथ का बिहार में शानदार रहा स्ट्राइक रेट, जानिए कितनी सीटें जीता NDA
बिहार की जिन 18 सीटों पर सीएम योगी ने की रैलियां, उनमें से कितनी सीटें जीता NDA
नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव में सभी 243 सीटों के परिणाम आ चुके हैं और 125 सीटें हासिल करते हुए एनडीए ने राज्य में एक बार फिर से सरकार बनाने की तरफ कदम बढ़ा दिए हैं। हालांकि जेडीयू को बिहार में कम सीटें मिली हैं लेकिन भाजपा ने साफ तौर पर कह दिया है कि सीएम नीतीश कुमार ही होंगे। एनडीए को मिली 125 सीटों में से 74 पर भारतीय जनता पार्टी ने जीत का परचम लहराया है और भाजपा बिहार की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। बिहार में एनडीए की जीत में भाजपा की भगवा रणनीति और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की चुनावी रैलियों को काफी अहम माना जा रहा है।

18 में से 11 सीटों पर जीता एनडीए
बिहार में तीन चरणों के तहत हुए चुनाव में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने जिन 18 सीटों पर रैलियां की, उनमें से 11 सीटें एनडीए के खाते में गई हैं। इस तरह बिहार चुनाव में सीएम योगी का स्ट्राइक रेट 60 फीसदी से ऊपर रहा है। योगी आदित्यनाथ ने बिहार की बख्तियारपुर, बिस्फी, कटिहार, केवटी, सीतामढ़ी, रक्सौल, वाल्मीकि नगर, झंझारपुर, लालगंज, दारौंदा, जमुई, काराकाट, गरिया कोठी, सीवान, अरवल, पालीगंज, तरारी और रामगढ़ सीट पर रैलियां की थी।

किसके पास गईं बची हुईं 7 सीटें
इन 18 सीटों में से एनडीए को केवल बख्तियारपुर, काराकाट, सीवान, अरवल, पालीगंज, तरारी और रामगढ़ में हार मिली है। जिन सात सीटों पर एनडीए को हार मिली है, उनमें से 4 सीटें लेफ्ट पार्टियों, 2 सीटें आरजेडी और 1 सीट बीएसपी के खाते में गई हैं। भाजपा से जुड़े सूत्रों ने बताया कि स्टार प्रचारक के तौर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने जिन सीटों पर रैलियां की, वहां वोटरों का झुकाव एनडीए की तरफ हुआ और बीजेपी-जेडीयू गठबंधन को फायदा हुआ।

अब बंगाल चुनाव पर भाजपा की निगाहें
बिहार चुनाव में आए नतीजों के बाद यूपी भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा, 'योगी आदित्यनाथ ना केवल एक अच्छे प्रशासक हैं, बल्कि पार्टी के एक ऐसे प्रखर नेता भी हैं जो जातिगत समीकरणों को बदलते हुए वोटरों का रुख मोड़ने की क्षमता रखते हैं।' भाजपा सूत्रों के मुताबिक, सीएम योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश के अगले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले होने वाले पश्चिम बंगाल के चुनाव में भी स्टार प्रचारक के तौर पर उतारा जाएगा। पश्चिम बंगाल में 2021 और यूपी में 2022 में विधानसभा चुनाव होने हैं।

सीएम योगी ने कैसे बदला वोटरों का रुख
बिहार चुनाव में प्रचार के दौरान सीएम योगी ने ना केवल महागठबंधन के सीएम पद के दावेदार तेजस्वी यादव को उनके 10 लाख सरकारी नौकरी के वादे पर घेरा, बल्कि राम मंदिर के मुद्दे पर कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा। अपनी रैलियों में सीएम योगी बिहार की जनता को 1990 से लेकर 2005 के बीच के आरजेडी के 15 साल के शासन की कमियां याद दिलाने में भी सफल रहे। सीएम योगी ने अपनी रैलियों में नागरिकता संशोधन कानून का भी मुद्दा उठाया, जिससे भाजपा और जेडीयू के प्रत्याशियों को फायदा मिला।












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