जेएनयू का फायदा उठाने को तैयार था आईएसआईएस
नई दिल्ली। एनआईए के मुताबिक आईएसआईएस भारत में जेएनसू में देशविरोधी नारेबाजी के बाद मचे हंगामे का फायदा उठाने को पूरा तैयार था। आईएसआईएस के संदिग्ध आतंकी के एनआईए के सामने दिए बयान में यह बात कही है।

हुए हैं कई खुलासे
आईएसआईएस के संदिग्ध आतंकियों ने बताया कि उन्हें जेएनयू और कन्हैया विवाद में हो रहे प्रदर्शनों का फायदा उठाने के लिए कहा गया था। आईएसआईएस से जुड़े संगठन 'जुनुद अल खलीफा-ए-हिंद (जेकेएच) के लिए युवकों की भर्ती करने वाले आशिक अहमद उर्फ राजा, मोहम्मद अब्दुल अहद और मोहम्मद अफजल के बयान से ऐसे कई खुलासे हुए हैं।
आईएसआईएस का भारतीय मॉड्यूल
जेकेएच को आईएसआईएस का भारतीय मॉड्यूल कहा जाता है। इसके 25 आतंकियों को फरवरी में गिरफ्तार किया गया था। जानकारी के मुताबिक पश्चिम बंगाल के हुगली में रहने वाले 19 साल के आशिक अहमद उर्फ राजा को कन्हैया की गिरफ्तारी के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों में शामिल होकर गाड़ियां जलाने और तोड़फोड़ करने के लिए कहा गया था।
19 फरवरी को किया गया था कांटेक्ट
आशिक ने कहा कि खुद को 'अंसार उद तौहीद बिलाद अल-हिंद (एयूटी)' का सरगना बताने वाले अहमद अली ने इस साल 19 फरवरी को 'ट्रिलियन ऐप' के जरिए उससे संपर्क किया था। उसने कहा था कि एजेंसियां उन पर नजर रखे हुई थीं। उसे कहा गया कि भारत के कई शहरों में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में मौके का फायदा उठाना चाहिए।
यासीन भटकल को छुड़ाने की थी तैयारी
आशिक ने बताया है कि उन्हें सबसे पहले भारत में शिया समुदाय को निशाना बनाने और इंडियन मुजाहिद्दीन के पूर्व सरगना यासीन भटकल को जेल से छुड़ाने का लक्ष्य दिया गया था।












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