Morbi Bridge: ठेका 15 साल का और निभा नहीं पाई एक भी दिन! वो कंपनी जिसका एक 'लालच' ले डूबा सैकड़ों जिंदगी

गुजरात की मच्छु नदी पर बने मोरबी पुल के रखरखाव का जिम्मा जिस कंपनी को दिया गया था, वो अपने वादे को एक भी दिन निभा नहीं पाई। यही नहीं कंपनी ने समझौते की शर्तों का भी उल्लंघन किया।

Morbi Bridge Collapse: गुजरात की मच्छु नदी पर बने मोरबी पुल के रखरखाव का जिम्मा जिस कंपनी को दिया गया था, वो अपने वादे को एक भी दिन निभा नहीं पाई। यही नहीं कंपनी ने समझौते की शर्तों का भी उल्लंघन किया। गुजरात सरकार और प्रशासन की ओर से किए जा रहे दावे अगर सच हैं तो कंपनी की लालच ही थी, जिसका अंजाम एक आपदा बनकर हमारे सामने आया। आइए जानते हैं वो कौन- कौन से कारण हैं, जिनके चलते सरकार खुद हादसे का जिम्मेदार एक कंपनी को मान रही है?

ओरेवा ग्रुप की कंपनी को 15 साल का ठेका

ओरेवा ग्रुप की कंपनी को 15 साल का ठेका

मच्छु नदी पर झूलता ब्रिज (Morbi Bridge) के रखरखाव की जिम्मा राजकोट के ओरेवा ग्रुप की अजंता मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को दिया गया था। इसके लिए मोरबी नगर पालिका और ओरेवा के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। समझौते की शर्तों के मुताबित मार्च 2022 से 15 साल के लिए ओरेवा समूह की अजंता मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के पास मोरबी ब्रिज के रखरखाव करना था। उस समय जर्जर हो चुके ब्रिज को मरम्मत के लिए बंद कर दिया गया था।

6 महीने में पूरा किया काम

6 महीने में पूरा किया काम

ऐसे में कहा जा सकता है कि कंपनी ने ज्यादा पैसा कमाने के चक्कर में समझौते की शर्तों की अनदेखी की। दिवाली के मौके पर कंपनी ने समय से पहले ही इस पुल के रखरखाव का काम सिर्फ 6 महीने में कर दिया और बिना की सुरक्षा जांच किए ही आमजन के लिए इसे खोल दिया गया।

कमाई के चक्कर में गुणवत्ता का ध्यान नहीं

कमाई के चक्कर में गुणवत्ता का ध्यान नहीं

समझौते के मुताबिक इसकी मरम्मत का कार्य 8 से 12 महीने में पूरा किया जाना था। पहले साल यानी 2022-23 में पर्यटकों से 15 रुपये, छात्रों से 10 रुपये और 5 और 12 साल से कम उम्र के बच्चों से टिकट लेने का फैसला किया गया था। जिसका उल्लंघन कर इस वर्ष से नागरिकों से 17 रुपये और 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से 12 रुपये वसूल किए गए। त्यौहारों के सीजन में मोरबी पर अक्सर लोग पहुंचते हैं, जिनसे कंपनी को मोटी कमाई होने थी। ऐसे में पुल के मरम्मत में तेजी लाई गई और समय से पहले ही कार्य पूरा कर लिया गया।

डिप्टी सीएम ने अजंता को बताया जिम्मेदार

डिप्टी सीएम ने अजंता को बताया जिम्मेदार

मोरबी ब्रिज हादसे में 134 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि काफी लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। जिसके कारण मौतों की संख्या बढ़ भी सकती है। गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने स्पष्ट तौर पर ओरेवा ग्रुप (Oreva Group) की कंपनी अजंता मैन्युफैक्चरिंग (Ajanta Manufacturing Limited) को हादसे का जिम्मेदार बताया है।

कंपनी एक भी दिन संभाल नहीं पाई जिम्मा

कंपनी एक भी दिन संभाल नहीं पाई जिम्मा

हादसे (Morbi Bridge Collapse) के बाद कहा जा रहा है कि अजंता मैनुफैक्चरिंग ने ऐसा सिर्फ पैसा कमाने के लिए किया। क्योंकि पब्लिक से पैसा कमाने के लिए उसे ब्रिज को जल्दी खोलना था। शायद इसलिए मरम्मत की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया। परिणाम ये हुआ कि जिस कंपनी ने ब्रिज की देखरेख का जिम्मा 15 साल के लिए लिया था एक दिन के लिए भी अपनी जिम्मेदारी नहीं संभाल सकी और परिणाम ये हुआ कि बड़ी संख्या में लोग मौत के मुंह में चले गए। कई परिवार तबाह हो गए।

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