CAA protest: भारत के खिलाफ जंग लड़ने वाले पाकिस्तानी सैनिक के बेटे अदनान सामी कैसे बने हैं भारतीय नागरिक
Recommended Video
नई दिल्ली। देश के अलग-अलग हिस्सों में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर घमासान मचा हुआ है। इस नए कानून के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आने वाले उन अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता दी जाएगी जिन्हें धर्म की वजह से उत्पीड़न का शिकार होना पड़ा है। इस कानून के बीच ही आज हम आपको उस शख्स के बारे में बताते हैं जो पाक में मशहूर थे और जिनके पिता ने भारत के खिलाफ जंग में हिस्सा लिया था, मगर इसके बाद भी उन्हें भारत की नागरिकता मिली। हम बात कर रहे हैं पाकिस्तान के मशहूर सिंगर अदनान सामी की जिन्हें नागरिकता कानून के तहत साल 2016 में भारत सरकार ने देश की नागरिकता दी थी।

एक जनवरी 2016 से भारत के नागरिक
अदनान सामी को एक जनवरी 2016 को भारत की नागरिकता दी गई थी। दिसंबर 2015 में केंद्र सरकार की तरफ से कहा गया था कि सामी जरूरी पेपरवर्क के पूरा करते ही देश के नागरिक बन जाएंगे। सामी साल 2011 से देश में रह रहे थे। उन्होंने गृह मंत्रालय में एक फॉर्म भरा था और 13,700 रुपए अदा किए थे। एक सीनियर ऑफिसर की तरफ से इस बात की जानकारी दी गई। सामी को भारतीय नागरिकता कानून 1955 के सेक्शन (I) के तहत नागरिकता मिली थी। यह सेक्शन देशीयकरण के तहत नागरिकता को परिभाषित करता है। किसी को भी नागरिकता देने की पूरी प्रक्रिया गृह मंत्रालय से ही पूरी की जाती है।

कैसे मिली थी अदनान को नागरिकता
सामी ने जय सिंह रोड पर जाकर फॉरेनर्स डिविजन ऑफिस में नागरिकता से जुड़ी तमाम औपचारिकताओं को पूरा किया था। एक अधिकारी की तरफ से उस समय बताया गया था कि नागरिकता हासिल करने के लिए एक फीस अदा करने के अलावा कुछ प्रक्रियाओं को पूरा करना होता है। एक बार औपचारिकताओं के पूरा हो जाने के सिटीजनशिप सर्टिफिकेट दे दिया जाता है। सामी को जिस समय देश की नागरिकता मिली थी उस वर्ष अक्टूबर में ही उनके वीजा को तीन माह के के लिए बढ़ाया गया था।

साल 2001 में भारत आए थे अदनान
27 मई 2010 को सामी के पाकिस्तानी पासपोर्ट की अवधि समाप्त हो गई थी और इसके बाद पाक सरकार ने उनका पासपोर्ट रिन्यू नहीं किया था। तब सामी ने मानवीय आधार पर भारत सरकार से अनुरोध किया था कि भारत में उनके रहने को कानूनी वैधता दी जाए। लंदन में 15 अगस्त 1971 को जन्में अदनान सामी 13 मार्च 2001 को पर्यटक वीजा पर भारत आए थे जिसकी अवधि एक वर्ष थी। इस वीजा को इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग की तरफ से जारी किया गया था।

पिता थे पाकिस्तान एयरफोर्स में फाइटर पायलट
अदनान के पिता अरशद सामी खान, पाकिस्तान एयरफोर्स के पायलट थे। अरशद ने भारत के खिलाफ 1965 और फिर 1971 की जंग में हिस्सा लिया था। अरशद सामी को पाकिस्तान अपने सबसे बड़े योद्धाओं के रूप में मानता है। अरशद उनके दादा जनरल अहमद जान अफगानिस्तान के थे और राज अब्दुर रहमान खान के सैन्य सलाहकार थे।












Click it and Unblock the Notifications