तब तो नरेन्द्र मोदी गृह सचिव से भी नाराज होंगे
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। गृह सचिव अनिल गोस्वामी की छुट्टी हो सकती है। उन पर गंभीर आरोप हैं। अगर आरोप साबित हुए तो प्रधानमंत्री जरूर निराश होंगे उनसे। प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेन्द्र मोदी ने उन्हें इस पद पर नियुक्त किया था। गोस्वामी पर आरोप है कि उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री मतंग सिंह की गिरफ्तारी रोकने की कोशिश की।

यानी कि विदेश सचिव सुजाता सिंह के बाद अब गृह सचिव अनिल गोस्वामी की कुर्सी भी खतरे में है। हो सकता है कि अनिल गोस्वामी को भी कार्यकाल खत्म होने से पहले अपने पद से हटा दिया जाए।
आरोप है कि गृह सचिव अनिल गोस्वामी ने सीबीआई को फोन कर पूर्व केंद्रीय मंत्री मंतग सिंह की गिरफ्तारी रोकने को कहा था। कहते हैं कि मोदी काफी प्रभावित थे गोस्वामी से क्योंकि आतंरिक सुरक्षा के मामलों में गहरी समझ है। वे जम्मू-कश्मीर कैडर के आईएएस अफसर हैं।
जम्मू-कश्मीर भवन से जुड़े एक अफसर ने कहा कि गोस्वामी बेहद ईमानदार अफसर हैं। उन पर अकारण आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्हें उनके शत्रु फंसा रहे हैं। वे कतई गड़बड़ नहीं करेंगे। वे काम से काम मतलब रखते हैं। बता दें कि मंतग सिंह का नाम पश्चिम बंगाल के शारदा घोटाले में आया था। हालांकि सीबीआई ने आखिरकार मतंग सिंह को गिरफ्तार कर ही लिया।
विदेश सचिव की तरह गृह सचिव को भी दो साल का तय कार्यकाल दिया जाता है। गोस्वामी का दो साल का तय कार्यकाल 30 जून को खत्म होने वाला है। बता दें कि गोस्वामी वैष्णो देवी श्राइन देवी बोर्ड के पहले प्रमुख थे।












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