VIDEO: गृह मंत्री अमित शाह ने ओवैसी को क्यों कहा, इस तरह से नहीं चलेगा
गुस्साए अमित शाह ने असदुद्दीन ओवैसी से क्यों कहा, इस तरह से नहीं चलेगा....देखिए Video
नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र में सोमवार को राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NIA) को ज्यादा अधिकार और शक्ति देने वाला एनआई संशोधन बिल लोकसभा में पेश किया गया। बिल पर चर्चा के दौरान, जिस समय यूपी की बागपत लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के सांसद सत्यपाल सिंह बोल रहे थे, उसी समय लोकसभा में हंगामा खड़ा हो गया। दरअसल, एआईएमआईएम के अध्यक्ष और तेलंगाना की हैदराबाद लोकसभा सीट से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सत्यपाल सिंह की किसी बात पर विरोध जताते हुए बीच में बोलना शुरू कर दिया। इसके बाद काफी देर तक शोरगुल होता रहा और आखिर में गृह मंत्री अमित शाह ने असदुद्दीन ओवैसी को सुनने की नसीहत दे डाली।

'सुनने की भी आदत डालिए ओवैसी साहब'
लोकसभा में एनआईए संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान भाजपा सांसद सत्यपाल सिंह जिस समय बोल रहे थे, उसी समय असदुद्दीन ओवैसी ने विरोध जताते हुए बीच में बोलना शुरू कर दिया। ओवैसी को पीठासीन अध्यक्ष एनके प्रेमचंद्रन ने भी बीच में बोलने से मना किया, लेकिन वो फिर भी बोलते रहे। इसपर गृह मंत्री अमित शाह नाराज हो गए और उन्होंने खड़े होकर कहा, 'सुनने की भी आदत डालिए ओवैसी साहब, इस तरह से नहीं चलेगा, सुनना पड़ेगा। जब राजा साब बोल रहे थे, तब क्यों नहीं खड़े हुए। कोई और बोलता है तो आप चुप रहकर सुनते हैं लेकिन जब सत्यपाल सिंह बोल रहे हैं तो आप लगातार बीच में बोल रहे हैं। आपको सुनने की आदत डालनी होगी।'

सत्यपाल सिंह की इस बात पर हुआ हंगामा
दरअसल एनआईए संशोधन बिल पर बोलते हुए सत्यपाल सिंह ने कहा, 'देश में आतंकवाद इसलिए बढ़ रहा है, क्योंकि हम उसे राजनीति के चश्मे से देखते हैं। अगर हमें आतंकवाद को खत्म करना है तो हमें उससे मिलकर लड़ना होगा। आतंकवाद को राजनीति से प्रेरित नहीं होना चाहिए, ये पूरी मानवता के खिलाफ है। मुंबई ने भी आतंकवाद का दंश झेला है क्योंकि वहां भी इसे राजनीतिक नफे-नुकसान के तौर पर ही देखा गया। ऐसे कई केस हैं। मुझे याद है कि जब धमाकों के मामले में हैदराबाद में पुलिस ने अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले संदिग्धों को पकड़ा तो सीधे मुख्यमंत्री ने पुलिस कमिश्नर को फोन कर कहा कि ऐसा मत कीजिए वरना आप अपनी नौकरी खो देंगे।' सत्यपाल सिंह की इसी बात पर सदन में हंगामा शुरू हो गया।
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'कानून में धर्म नहीं देखेंगे'
वहीं, एनआईए संशोधन बिल पर बोलेत हुए अमित शाह ने लोकसभा में कहा, 'एनआईए का शुद्ध रूप से प्रयोग आतंकवाद को खत्म करने के लिए ही किया जाएगा। मगर, उसको खत्म करते वक्त हम ये भी नहीं देखेंगे कि ये किस धर्म के व्यक्ति ने किया है। दोनों चीजें स्पष्ट हैं, जो कोई भी इस कानून की जद में गुनाह करेगा, उसको सजा देने का काम ये कानून करेगा।' इस दौरान अमित शाह ने आतंकवाद विरोधी अधिनियम (पोटा) को निरस्त करने के लिए कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि यह कथित दुरुपयोग के कारण नहीं बल्कि अपने वोट बैंक को बचाने के लिए किया गया था। शाह ने कहा कि आतंकवाद निरोधक अधिनियम (पोटा) निरस्त होने के बाद आतंकवादी हमलों में तेजी देखी गई, जिसके परिणामस्वरूप मुंबई हमलों के बाद उसी यूपीए सरकार को एनआईए का गठन करने के लिए मजबूर किया गया।












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