पठानकोट हमले में शहीद निरंजन कुमार का घर गिराएगी सरकार

बैंगलौर। पठानकोट एयरबेस हमले में शहीद हुए लेफ्टिनेंट कर्नल निरंजन कुमार के घर के एक हिस्से को महानगरपालिका तोड़ने जा रही है। बैंगलौर महानगरपालिका (बीबीएमपी) ऐसे घरों को गिरा रही है जो बारिश का पानी ले जाने वाले नालों पर अतिक्रमण करके बनाए गए हैं। ऐसे ही 1100 घरों में एक शहीद निरंजन का मकान भी शामिल है।

इन नालों के जाम होने की वजह से मई में भारी बारिश के बाद बैंगलौर के कई इलाकों में भारी जल जमाव हुआ था, घरों में पानी घुस गया था और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई थी। नालों को जाम करने वाले मकानों को गिराने का निर्देश खुद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने दिया।

niranjan kumar

नाला जाम होने से डूबा था बैंगलौर

मई में बैंगलोर में तूफान और भारी बारिश के बाद कई इलाके पानी में डूब गए। बारिश के पानी को बहाने वाले नालों के जाम होने से ऐसी संकट की स्थिति पैदा हो गई। इसको बाद हाईकोर्ट और मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के निर्देश पर बीबीएमपी ने उन सभी मकानों की सूची बनाई जो इन नालों का अतिक्रमण करके बनाए गए हैं।

नालों को फिर से चालू करने के लिए बीबीएमपी ने 1100 मकानों की सूची बनाई और उसको गिराने का फैसला लिया। इसी सूची में शहीद निरंजन कुमार का घर भी शामिल है। शहीद के घर के तीन पिल्लरों में से एक को गिराया जाएगा।

demolition of niranjan kumars home

अधिकारियों का कहना है कि शहीद निरंजन के घर को वो इस सूची से नहीं निकाल सकते क्योंकि यह पब्लिक के फायदे में ही उठाया गया कदम है।

शहीद के परिवार ने दी मंजूरी: बीबीएमपी

पहले तो शहीद के परिवार ने महानगरपालिका से इस मामले में कुछ समय देने का अनुरोध किया था लेकिन अधिकारियों के अनुसार बाद में इसके लिए मंजूरी दे दी।

बीबीएमपी के असिस्टेंट कमिश्नर एस आलम ने इस बारे में बताते हुए कहा है कि घर के पिल्लर को गिराने की मंजूरी और इसमें सहयोग देने के लिए वह लेफ्टिनेंट कर्नल निरंजन कुमार के माता पिता को सलाम करते हैं।

शहीद के भाई ने किया बीबीएमपी के दावे से इंकार

लेफ्टिनेंट कर्नल के भाई शशांक ने इस बारे में एएनआई से कहा कि परिवार के लोगों की बात अभी अधिकारियों से नहीं हुई है। उन्होंने घर में आकर एक पिल्लर को मार्क किया है। अधिकारियों से बात करने के बाद हम इस मामले में कोई फैसला लेंगे। यह कोई सामान्य आदमी का घर नहीं है, यह देश के एक बहादुर बलिदानी का घर है।

शशांक ने कहा, 'कोई अधिकारी हमारे पास नहीं आया कि पिल्लर गिराने का क्या विकल्प हो सकता है। अगर पिल्लर गिराना इतना ही जरूरी है तो हम उनसे कुछ समय देने का अनुरोध करते हैं ताकि हम घर के लिए नया पिल्लर बना सकें।'

गृह मंत्री ने दिया जमीन देने का विकल्प

कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने शहीद के परिवार को घर बनाने के लिए दूसरी जगह जमीन देने का विकल्प भी दिया है।

भाजपा ने की घर गिराने के फैसले की निंदा

भाजपा के जगदीश शेट्टार ने आलोचना करते हुए कहा कि देश के लिए जीवन बलिदान करने वाले निरंजन कुमार के परिवार के लोगों का हमें सम्मान करना चाहिए।

पठानकोट एयरबेस हमले में शहीद हुए थे निरंजन कुमार

शहीद लेफ्टिनेंट कर्नल निरंजन कुमार एनएसजी के बम डिस्पोजल स्क्वैड के सदस्य थे। 2 जून के पठानकोट एयरबेस हमले में मारे गए आतंकी के शरीर में लगे एक ग्रेनेड को डिफ्यूज करने के दौरान बम फटने से उनकी जान चली गई।

कुमार का पुश्तैनी घर केरल में है। 38 साल पहले उनका परिवार बैंगलौर में शिफ्ट हो गया था।

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