हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा ने PM मोदी से की रामविलास पासवान के निधन की जांच की मांग, चिराग पर खड़े किए सवाल
नई दिल्ली: मोदी सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री और लोकजन शक्ति पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान का हाल ही में निधन हो गया था, वो काफी दिनों से बीमार थे। निधन से पहले उनके हार्ट का ऑपरेशन भी हुआ था। ऐसे में अब उनके बेटे चिराग पासवान ने पार्टी की कमान संभाल ली है। साथ ही बिहार चुनाव में अकेले ही अपनी पार्टी को लेकर बिना गठबंधन चुनाव लड़ रहे हैं। इस बीच हिंदुस्तानी अवामा मोर्चा ने पीएम नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है, जिसमें पासवान की मौत की जांच की मांग की गई है। उनके मुताबिक कई ऐसे संदेह हैं, जो चिराग को सवालों के घेरे में लाते हैं।
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शूटिंग पर उठाए सवाल?
हिंदुस्तान अवाम मोर्चा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी है। पत्र में HAM ने लिखा कि रामविलास पासवान जी के निधन से पूरे देश में शोक की लहर थी। आज भी हम जैसे प्रशंसक उन्हें याद कर दुखी होते हैं। उनके अंतिम संस्कार के दूसरे दिन ही एक शूटिंग के दौरान उनके पुत्र चिराग पासवान मुस्कुराते हुए दिखाई दिए। साथ ही ऐसी बात करते दिखे जिससे उनके प्रशंसकों के मन में सवाल उठने लगे हैं, जो चिराग को कटघरे में खड़ा करते हैं।
क्यों नहीं जारी हुआ मेडिकल बुलेटिन?
पत्र में पार्टी ने आगे लिखा कि रामविलास पासवान दिल्ली के अस्पताल में भर्ती थे, वो एक केंद्रीय मंत्री थे। ऐसे में आखिर किसने कहने पर अस्पताल प्रशासन ने उनका मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया? आखिर किसने कहने पर अस्पताल प्रशासन ने सिर्फ तीन लोगों को ही उनसे मिलने की इजाजत दी थी। इसके अलावा भी कई सवाल हैं, जो उनके प्रशंसक जानना चाहते हैं। इस वजह से आपसे अपील है कि आप इस मामले की न्यायिक जांच के आदेश दें। इस पत्र पर पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता दानिश रिजवान के हस्ताक्षर हैं।
ये था चिराग का वीडियो
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसके आधार पर दावा किया जा रहा है कि उसमें चिराग पासवान अपने पिता रामविलास पासवान को श्रद्धांजलि देने के लिए रिहर्सल करते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो को कांग्रेस नेता पंखुड़ी पाठक ने भी अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया था। पंखुड़ी ने लिखा- "स्वर्गीय पिता की तस्वीर के सामने श्रद्धांजलि देने की जगह चिराग पासवान का यह ड्रामा शर्मनाक है। ऐसे लोगों की वजह से राजनीति बदनाम है। जनता को जागरूक होकर अपने बीच के जनप्रतिनिधि चुन ऐसे ड्रामेबाजों को राजनीति से बाहर करना होगा ।"












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