Hindi Diwas 2024: हिंदी राष्ट्रभाषा है या नहीं? जानिए भारतीय संविधान में क्या लिखा है?
Hindi Diwas 2024: देशभर में आज 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जा रहा है। भारत में हिंदी भाषा को लेकर अक्सर लोगों में ये दुविधा रहती है कि क्या हिंदी भारत की राष्ट्रीय भाषा है? यह सवाल अक्सर बहस का विषय बना रहता है। सोशल मीडिया से लेकर आम लोगों के बीच ये चर्चा का विषय रहता है।
असल में भारत अपनी भाषाई विविधता के लिए जाना जाता है, देशभर में हजारों भाषाएं और बोलियां बोली जाती हैं। इसके बावजूद, किसी एक भाषा को राष्ट्रीय भाषा के रूप में नामित नहीं किया गया है। हालांकि हिंदी व्यापक रूप से बोली जाती है, लेकिन कई भारतीय न तो इसे बोलते हैं और न ही समझते हैं। ऐसा कोई आदेश नहीं है कि सभी को राष्ट्रीय भाषा सीखनी या उसका उपयोग करना होगा।

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क्या हिंदी राष्ट्रभाषा है? (Is Hindi the national language?)
ऐसे में चलिए इस हिंदी दिवस पर ये जानते हैं कि क्या हिंदी भारत की राष्ट्रभाषा है या नहीं? हिंदी को लेकर भारतीय संविधान में क्या लिखा? असल में भारतीय संविधान में किसी भी भाषा को राष्ट्रीय भाषा का दर्जा नहीं मिला है। लेकिन अनुच्छेद 343 के मुताबिक देवनागरी लिपि में हिंदी, केंद्र सरकार और संघ की आधिकारिक भाषा है।
हिंदी भारत की राजभाषा है, जानिए कब मिला इसे ये दर्जा?
14 सितंबर 1949 को हिंदी को भारत की आधिकारिक भाषा घोषित किया गया था। इस फैसले का उद्देश्य सरकारी कामकाज के लिए एक साझा भाषाई आधार स्थापित करना था। इसके बाद 1953 से राजभाषा प्रचार समिति द्वारा हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाने की घोषणा की गई। इसलिए हर साल 14 सितंबर को आधिकारिक मामलों में इसके इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए हिंदी दिवस मनाया जाता है।
भारतीय संविधान के भाग 17 के तहत अनुच्छेद 343 (1) में इस बात का उल्लेख किया गया है कि देवनागरी लिपि में लिखी जाने वाली हिंदी देश की आधिकारिक भाषा होगी। यह प्रावधान सुनिश्चित करता है कि हिंदी को आधिकारिक दर्जा तो प्राप्त है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि यह राष्ट्रीय भाषा है।
क्या होता है राष्ट्रभाषा, राजभाषा और मातृभाषा में अंतर?
- मातृभाषा वह पहली भाषा होती है जिसे व्यक्ति जन्म से सीखता है। यह आमतौर पर किसी के घर या समुदाय में बोली जाने वाली भाषा होती है। भारत में, लोगों को बिना किसी प्रतिबंध के अपनी मातृभाषा बोलने, लिखने और पढ़ने की आजादी है। मातृभाषा की अवधारणा भारत की सांस्कृतिक समृद्धि और भाषाई विविधता को उजागर करती है। प्रत्येक क्षेत्र की अपनी अनूठी भाषाएं और बोलियां हैं जो देश की विविध विरासत में योगदान देती हैं।
- भारत की राजभाषा हिंदी है। भारत के संविधान के भाग 17 के अनुच्छेद 343(1) में कहा गया है कि राष्ट्र की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागिरी होगी।
- राष्ट्रभाषा वो होती है, जिसे किसी देश के ज्यादातर लोग बोलते और समझते हैं। यह देश की आधिकारिक भाषा होती है। देश के संविधान में इसके लिए राष्ट्रभाषा का दर्जा देना होता है।












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