हार्दिक पटेल बोले- सब्र से काम लें कार्यकर्ता, वक्त आने पर कांग्रेस देगी ईनाम
नई दिल्ली: मध्य प्रदेश और राजस्थान में हुई बगावत से कांग्रेस की अन्य प्रदेश इकाइयों ने सबक ले लिया है। कांग्रेस नेता अब अपने कार्यकर्ताओं को ज्योतिरादित्य सिंधिया और सचिन पायलट का उदाहरण देकर ऐसी गलती नहीं करने की सलाह दे रहे हैं। गुजरात कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल ने भी अपने कार्यकर्ताओं को 'सब्र का फल मीठा होता है' का पाठ पढ़ाया। हार्दिक पटेल के मुताबिक नेताओं में धैर्य और गंभीरता होनी जरूरी है। वक्त आने पर पार्टी उन्हें ईनाम जरूर देगी।

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में हार्दिक पटेल ने कहा कि राजस्थान और मध्य प्रदेश में पायलट और सिंधिया को पार्टी ने बड़ी जिम्मेदारियां दी थीं। उसके बाद भी उन्होंने बगावत करके गलती कर दी। राजस्थान राजनीतिक संकट के सवाल पर पटेल ने कहा कि एमपी और राजस्थान में कांग्रेस को बहुमत मिला था। जिस वजह से हाईकमान ने वरिष्ठ नेताओं को सीएम बनाया। पायलट और सिंधिया दोनों को पिता के निधन के बाद तुरंत टिकट दिया गया और उन्हें जीत भी दिलवाई गई। दोनों कम उम्र में केंद्रीय मंत्री बने। केंद्र में सरकार जाने के बाद हाईकमान ने पायलट को 35 साल की उम्र में डिप्टी सीएम और पीसीसी चीफ बना दिया। ऐसे में उन्हें कोई समस्या नहीं होनी चाहिए थी।
दोनों का उदाहरण देते हुए हार्दिक पटेल ने कहा कि मैं युवा हूं फिर भी मैं कार्यकर्ताओं से ये बात कहना चाहता हूं कि वो धैर्य बनाए रखें। जल्दबाजी में कोई गलत फैसला न लें। पटेल के मुताबिक जब वो पार्टी में शामिल हुए तो उनके पास कोई पद नहीं था। लोगों ने उन्हें कांग्रेस के खिलाफ बढ़काया भी, लेकिन उन्होंने धैर्य से काम लिया। बाद में उन्हें पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया गया। उनके मुताबिक कांग्रेस ही एक ऐसी पार्टी है जहां कार्यकर्ता काम करके अच्छी स्थित तक पहुंच सकता है।












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