Gujarat Assembly Election: कांग्रेस और हार्दिक पटेल के बीच मैच फिक्स है- दिनेश बंभानिया
नई दिल्ली। गुजरात में पहले चरण के मतदान हो रहे हैं और 89 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों के भाग्य का आज फैसला होगा। लेकिन मतदान से ठीक पहले जिस तरह से हार्दिक पटेल की पार्टी के नेता ने इस्तीफा दिया उसने हार्दिक की मुश्किल बढ़ा दी है। हार्दिक पटेल की पार्टी पाटीदार अमानत आंदोलन समिति के वरिष्ठ नेता दिनेश बंभानिया ने आरोप लगाया है कि जिस तरह से हार्दिक ने कांग्रेस के साथ हाथ मिलाया और उन्हें समर्थन देने का ऐलान किया वह इस बात की ओर इशारा करता है कि मैच फिक्स है।

मैच फिक्स है
बंभानिया ने अपने आरोप को बल देते हुए कहा कि जिस तरह से कांग्रेस को हार्दिक पटेल ने समर्थन देने का ऐलान किया है वह कई सवाल खड़े करती है। कांग्रेस ने अभी तक यह नहीं स्पष्ट किया है कि अगर वह सत्ता में आती है तो कैसे पाटीदार समुदाय को आरक्षण देगी। बिना किसी फॉर्मूले के जिस तरह से हार्दिक ने कांग्रेस को समर्थन देने की बात कही है उसकी वजह से लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि आखिर क्यों कांग्रेस का समर्थन किया जा रहा है।

आंदोलन का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए बंभानिया ने कहा कि कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र में यह स्पष्ट नहीं है कि गुजरात में सत्ता में आने के बाद कैसे ओबीसी कोटा में पाटीदारों को आरक्षण दिया जाएगा, इससे साफ है कि कांग्रेस हमे आरक्षण नहीं देना चाहती है, इसके बाद भी कांग्रेस के पक्ष में रैलियां की जा रही हैं। हार्दिक इस विषय पर पूरी तरह से चुप हैं, इसकी वजह से मुझे यह मैच फिक्स नजर आ रहा है। हमारी लड़ाई आरक्षण के लिए थी ना कि किसी पार्टी को सत्ता में लाने की। मैं किसी पार्टी का एजेंट बनने को तैयार नहीं हूं, हार्दिक को पाटीदार आंदोलन का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए।

पहले चरण का मतदान जारी
आपको बता दें कि गुजरात में पहले चरण का मतदान चल रहा है, यहां 89 सीटों पर मतदान हो रहा है। दूसरे चरण का मतदान 14 दिसंबर को होना है। गुजरात के चुनाव के नतीजे 18 दिसंबर को आएंगे। इस बार के चुनाव में पाटीदार आरक्षण का मुद्दा सबसे उपर है। भाजपा और कांग्रेस के बीच आमने सामने की लड़ाई है।
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