ममता बनर्जी की चिट्ठी पर राज्यपाल का पलटवार- संकट के दौर में राज्य को आपके भरोसे नहीं छोड़ सकते
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ लंबे वक्त से ममता सरकार पर हमलावर हो रहे थे। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस मामले में चुप्पी साधी थी, लेकिन गुरुवार को उनका सब्र जवाब दे गया और उन्होंने एक लंबा-चौड़ा पत्र राज्यपाल को लिख डाला। ममता बनर्जी का पत्र मिलते ही राज्यपाल धनखड़ भी एक्शन में आए और उन्होंने भी एक पत्र जारी कर दिया, जिसमें ममता सरकार के आरोपों का जवाब था। राज्यपाल ने लॉकडाउन के दौरान हो रही लापरवाही पर भी सवाल खड़े किए हैं।

राज्यपाल धनखड़ ने ट्विटर पर पोस्ट करते हुए लिखा कि ये आरोपों का शुरूआती जवाब है। लोगों को सारी बातें मालूम होनी चाहिए। राज्य और वहां रहने वाले लोगों को, उन लोगों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता, जो संविधान के साथ समझौता करने को नहीं तैयार हैं। आखिरी लाइन में ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए उन्होंने लिखा कि कानून से बढ़कर कोई नहीं है। राज्यपाल ने इस ट्वीट में पत्र की कॉपी भी पोस्ट की है, जिसमें 22 बिंदुओं के जरिए ममता सरकार के आरोपों का जवाब दिया गया है। इस पत्र में राज्यपाल धनखड़ ने लॉकडाउन तोड़ने और सरकार व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं।
क्या था ममता बनर्जी का जवाब?
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को राज्यपाल को एक चिट्ठी लिखी थी। जिसमें सीएम ममता ने लिखा कि मैं राज्य की जनता द्वारा निर्वाचित मुख्यमंत्री हूं, जबकि आप मनोनित राज्यपाल हैं। आप लंबे वक्त से मुझ पर, मेरे मंत्रियों और अधिकारियों पर हमला कर रहे थे। क्या आपकी भाषा और तेवर को संसदीय कहा जा सकता है? बनर्जी ने पत्र में कहा कि आपको ये फैसला करना है कि किसने संवैधानिक धर्म का उल्लंघन किया है और संवैधानिक पदाधिकारियों में किसने मर्यादा के मूल नियमों को लांघा है।












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