कोरोना वैक्सीन: SII के 80 हजार करोड़ वाले आंकलन से सहमत नहीं मोदी सरकार, कही ये बात
नई दिल्ली: भारत में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 62 लाख के पार पहुंच गई है। कोरोना के कहर को रोकने के लिए देश में तीन वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है। इस मामले में अभी तक ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन सबसे आगे है, जिसका उत्पादन पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) करेगा। हाल में SII के CEO अदार पूनावाला ने दावा किया था कि देश में सभी लोगों तक वैक्सीन पहुंचाने के लिए 80 हजार करोड़ रुपये लगेंगे, हालांकि इस मामले में भारत सरकार का आंकलन कुछ और ही है।
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केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण अदार पूनावाला के आंकलन से सहमत नहीं हैं। उनके मुताबिक सरकार ने वैक्सीन के लिए एक्सपर्ट्स की एक समिति बनाई है, जिसकी पांच बैठकें अभी तक हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इस समिति ने वैक्सीन के वितरण और प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण पर आने वाले खर्च पर भी विस्तार से बात की। अभी तक समिति ने जितने बजट का आंकलन वैक्सीन के लिए किया है, उतना सरकार के पास मौजूद है।
क्या कहा था पूनावाला ने?
पिछले हफ्ते पूनावाला ने ट्वीट करते हुए लिखा कि त्वरित प्रश्न, क्या भारत सरकार के पास अगले एक साल में 80 हजार करोड़ रुपये होंगे, क्योंकि भारत में सभी लोगों के लिए वैक्सीन खरीदने और उसको बांटने के लिए इतने फंड की जरूरत होगी। इसके आगे उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय को टैग करते हुए कहा कि ये अगली चुनौती है, जिससे हमें निपटना है। दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा कि मैं यह सवाल पूछता हूं, क्योंकि हमें खरीद और वितरण के संदर्भ में अपने देश की जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत और विदेशों दोनों में वैक्सीन निर्माताओं की योजना और मार्गदर्शन करने की आवश्यकता है।












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