उत्तराखंड भेजे गए गोरखपुर के डीएम, चंद दिन पहले ही योगी ने किया था प्रमोशन
गोरखपुरः गोरखपुर जिला मजिस्ट्रेट राजीव रौतेला को यूपी का डीवीजनल आयुक्त बनाने के दो दिन बाद केंद्र सरकार ने सोमवार को उन्हें उत्तराखंड कैडर भेज दिया है। 12 मार्च को गोरखपुर लोकसभा सीट पर हुए चुनाव में वो विवादों में घिर गए थे। गोरखपुर की हार के बाद यूपी के 36 आईएएस अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया गया था। हालांकि राजीव रौतेला को प्रोमोशन दिया गया था।

जिसके बाद विपक्ष ने योगी सरकार की आलोचना की थी। विपक्ष के सवाल खड़े करने के बाद आईएएस अफसर को उत्तराखंड कैडर भेज दिया है।
बता दें, जब गोरखपुर उपचुनाव की मतगणना हो रही थी तो राजीव रौतेला ने पत्रकारों को मतगणना केंद्र में घुसने पर रोक लगा दी थी। इसको लेकर काफी विवाद हुआ था। इस मामले पर जब चुनाव आयोग से पूछा तो सफाई देते हुए चुनाव आयोग की ओर से कहा कि राजीव रौतेला खुद बाहर आकर मीडिया को रुझानों की जानकारी दे रहे हैं, इसलिए पत्रकारों को अंदर आने की आवश्कता नहीं थी।
राजीव रौतेला पहले यूपी कैडेर के आईएएस अफसर थे, लेकिन उत्तराखंड के नया राज्य बनने के बाद राजीव को उत्तराखंड कैडर मिला। जिसके बाद इस मामले को लेकर कानून लड़ाई भी चली। मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया था।
राजीव रौतेला साल 1982 बैच के प्रांतीय सिविल सेवा (पीसीएस) अधिकारी हैं, उन्हें साल 2002 में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में पदोन्नत किया गया था। आदित्यनाथ के पिछले साल मार्च में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के बाद राजीव रौतेल को गोखपुर का क्लेक्टर बनाया गया था।
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