मुसीबत के समय जान बचाएगा गूगल, इंडिया में लॉन्च किया Car Crash Detection फीचर, ऐसे करेगा काम
भारत में हर साल हजारों लोगों की मौत एक्सीडेंट में हो जाती है। एक्सीडेंट के दौरान सबसे अधिक मौतें समय पर इलाज ना मिल पाने के कारण होती हैं। जिसके चलते लोग जान गवां देते हैं। अब गूगल ने भारत में एक ऐसा फीचर लॉन्च कर दिया है। जो एक्सीडेंट के दौरान आपका मददगार बनेगा।
गूगल ने भारत में कार क्रैश डिटेक्शन फीचर को लॉन्च कर दिया है। यह फीचर गंभीर कार दुर्घटना का पता चलने पर ऑटोमैटिक तरीक से इमरजेंसी सर्विस (आपातकालीन सेवाओं) से संपर्क करती है।

गूगल का कार क्रैश डिटेक्शन फीचर भारत के अलावा अभी कुछ ही देशों में काम करता है। ये अमेरिका, कनाडा, फ्रांस , यूके , जापान, इटली, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, पुर्तगाल और स्विट्जरलैंड जैसे 20 देशों में काम करता है। कार क्रैश डिटेक्शन फीचर आपके फोन से गंभीर कार दुर्घटनाओं का पता लगा सकता है और आपको कई तरीकों से तुरंत सचेत कर सकता है।
किस फोन में करता है काम?
गूगल का कार क्रैश डिटेक्शन फीचर सिर्फ गूगल के पिक्सल फोन में काम करेगा। गूगल का कार क्रैश डिटेक्शन फीचर विशेष रूप से Pixel 4a और बाद के मॉडल पर उपलब्ध है और इस सुविधा को संचालित करने के लिए फोन में एक एक्टिव सिम कार्ड होना चाहिए। गूगल का यह इमरजेंसी अलर्ट फीचर अंग्रेजी, स्पैनिश, फ्रेंच समेत 20 भाषाओं को सपोर्ट करेगा।
कैसे काम करता है ये फीचर
गूगल पिक्सल फोन में मौजूद फीचर दुर्घटना होने की स्थिति में एक्टिव हो जाएगा। दुर्घटना की स्थिति में पिक्सल तेजी से वाइब्रेट करेगा और फुल साउंड में अलार्म बजने लगेगा। आपके फोन स्क्रीन पर सुनने और दिखने वाले संकेत के जरिए पूछेगा कि क्या आपको मदद की जरूरत है।
इसके बाद ऑटोमैटिक तरीके से इमरजेंसी कॉन्टेक्ट नबंर पर कॉल चला जाएगा। इसके अलावा गूगल लोकल इमरजेंसी सर्विस-112 पर भी कॉल कर देगा जिससे कि बिना किसी की मदद के दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति के पास इमरजेंसी सेवा पहुंच सकेगी।
यदि आप 60 सेकंड के भीतर जवाब देते हैं, तो आपके पास आपातकालीन सेवाओं को कॉल करने या कॉल रद्द करने का ऑप्शन होगा।
कैसे करें एक्टिवेट
- गूगल पिक्सल फोन में कार क्रैश डिटेक्शन फीचर को एक्टिवेट करने के लिए सबसे पहले आपको ऐप के Setting ऑप्शन में जाना होगा।
- इसके बाद सेफ्टी एंड इमरजेंसी सेक्शन में जाना होगा।
- फिर कार क्रैश डिटेक्शन फीचर पर टैप करना होगा।
- इसके बाद गूगल आपसे गूगल अकाउंट को लॉगिन करने के लिए बोलेगा।
- इसके बाद आपको लोकेशन का एक्सेस देना होगा।
- इस तरह आपका फीचर एक्टिवेट हो जाएगा।
सबसे अहम बात यह कि, इस फीचर के ठीक से काम करने के लिए लोकेशन, शारीरिक गतिविधि और माइक्रोफ़ोन एक्सेस की अनुमति देना आवश्यक होगा। दुर्घटना के समय आप मौखिक तौर पर फोन को निर्देश दे सकते हैं। इमरजेंसी के समय आपका फोन ऑटोमैटिक तरीके से स्पीकरफोन को एक्टिवेट कर देगा। जिससे आप बोलकर अपने निर्देश दे सकते हैं।












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