भाजपा सांसद हरीश मीणा कांग्रेस में शामिल, इस बार बदलेगा मीणा-गुर्जर वोटबैंक का गणित
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जयपुर। राजस्थान में कांग्रेस ने बीजेपी को एक और झटका दे दिया है। दौसा से भाजपा सांसद हरीश मीणा बुधवार को कांग्रेस के चुनाव प्रभारी अविनाश पांडे, पूर्व सीएम अशोक गहलोत और पार्टी प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट की मौजूदगी में कांग्रेस ज्वॉइन कर ली। राजस्थान के पूर्व डीजपी रह चुके हरीश मीणा का इस्तेमाल कांग्रेस किरोड़ीलाल मीणा की काट के तौर पर करेगी, जो हाल में भाजपा में शामिल हुए हैं।

कांग्रेस के टिकट पर लड़े बड़े भाई को हराकर दौसा से सांसद बने थे हरीश मीणा
हरीश मीणा ने 2014 लोकसभा चुनाव में अपने ही भाई नमोनारायण मीणा को हराया था, जो कि कांग्रेस के टिकट पर दौसा सीट से लड़े थे। चुनाव प्रचार के दौरान हरीश मीणा के बड़े भाई नमोनारायण मीणा अक्सर कहा करते थे कि पगड़ी तो बड़े भाई के ही सिर बंधती है। इस बात पर हरीश मीणा ने कभी कोई पलटवार नहीं किया, लेकिन 2014 लोकसभा चुनाव में जीत की पगड़ी छोटे भाई के ही सिर बंधी। हरीश मीणा की जीत के साथ दौसा में भाजपा को 25 साल बाद विजय नसीब हुई थी। 1989 में नाथू सिंह गुर्जर भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी। दौसा लोकसभा सीट पर अधिकतर कांग्रेस ही दबदबा रहा है।

पूर्वी राजस्थान में कांग्रेस को मिल गई दोधारी तलवार
पूर्वी राजस्थान की राजनीति में मीणा और गुर्जर वोट बेहद प्रभावी है। पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, दौसा, सवाई माधोपुर, अलवर, करौली और धौलपुर जिलों में मीणा और गुर्जर वोटों का खासा असर है। अब तक हुए चुनावों का इतिहास देखने से पता चलता है कि मीणा और गुर्जर वोट एक पार्टी को नहीं पड़ता है। दोनों परस्पर विरोधी माने जाते हैं। पूर्वी राजस्थान की बात करें तो इस बार यहां गुर्जर वोट कांग्रेस के पक्ष में जा सकता है, कारण- सचिन पायलट हैं। वह कांग्रेस के पार्टी अध्यक्ष हैं और गुर्जुर समुदाय से आते हैं। अब बचा मीणा वोट बैंक जिसे साधने के लिए कांग्रेस हरीश मीणा को पार्टी में लाई है। मतलब कांग्रेस के पास अब दोनोां वोट बैंक साधने के लिए बड़े नेता हैं। सचिन पायलट गुर्जर तो हरीश मीणा, जो कि मीणा वोटरों पर असर डालेंगे।

50 सीटों पर असर डालते हैं मीणा वोटर
राजस्थान में गुर्जर समुदाय बीजेपी के पक्ष में वोट करता है और मीणा समुदाय कांग्रेस के पक्ष में। इस बार गणित बदलता दिख रहा है। कांग्रेस के पास पार्टी अध्यक्ष के तौर पर सचिन पायलट हैं, जो गुर्जर समुदाय से आते हैं और अब हरीश मीणा भी कांग्रेस में आ गए हैं। मतलब कांग्रेस का मीणा वोट बैंक और मजबूत होने की संभावना है और बीजेपी के गुर्जर वोट बैंक में कांग्रेस सेंध लगा सकती है, पायलट के सहारे। राजस्थान की मौजूदा विधानसभा में 13 गुर्जर विधायक हैं और 30 से 40 सीटों पर इनका असर है। वहीं, कम से कम 50 सीटों पर मीणा वोटरों का प्रभाव है। सबसे बडे मीणा नेता माने जाने वाले किरोड़ी लाल मीणा इस बार बीजेपी में हैं।

हरीश मीणा के लोकसभा क्षेत्र में आती हैं पांच विधानसभा सीटें
हरीश मीणा के लोकसभा क्षेत्र दौसा में कुल पांच विधानसभा सीटें हैं। 2013 में दौसा जिले की 3 सीटें बीजेपी ने जीतीं, जबकि 2 सीटें नेशनल पीपुल्स पार्टी ने जीतीं। दौसा लोकसभा क्षेत्र के बारे में एक और अहम बात यह है कि यहां पर 3 विधानसभा सीटें सामान्य हैं, जबकि 1 अनुसूचित जाति और 1 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। राजस्थान की कुल 200 विधानसभा सीटों में से 142 सीट सामान्य हैं, जबकि 33 सीटें अनुसूचित जाति और 25 सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। देखना होगा कि हरीश मीणा के कांग्रेस में जाने से उसे कितनी सीटों पर फायदा होता है। हालांकि, इतना तो तय है कि कम से कम उनके लोकसभा क्षेत्र की 5 विधानसभा सीटों पर तो बीजेपी का वोट प्रभावित होगा ही, लेकिन किस हद तक प्रभावित होता है, यह चुनाव नतीजे आने के बााद ही पता चलेगा।

हरीश मीणा का पूरा प्रोफाइल यहां पढ़ें
-हरीश मीणा का पूरा नाम हरीश चंद्र मीणा है
-1976 बैच के आईपीएस हरीश मीणा 2009 से 2013 तक राजस्थान के डीजीपी रहे
-हरीश मीणा ने रिटायर होने के बाद 2014 में उन्होंने बीजेपी के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा और जीते
-हरीश मीणा को 1996 में इंडियन पुलिस मेडल और 2002 में प्रेसीडेंट मेडल से भी नवाजा जा चुका है
-हरीश मीणा का जन्म बामनवास, सवाई माधोपुर, राजस्थान में 5 सितंबर 1954 को हुआ
-हरीश मीणा की कुल संपत्ति 6 करोड़ से थोड़ी से ज्यादा है












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