Fuel Crisis: अब कितने दिन का बचा है तेल का स्टॉक? और कितने जहाज आ रहे भारत? Strait of Hormuz से आई बड़ी खबर
Fuel Crisis: ईरान-अमेरिका की भीषण जंग के बीच पूरी दुनिया की नजरें 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' पर टिकी हैं। यह वही समुद्री रास्ता है जहां से भारत की रसोई का ईंधन (LPG) और गाड़ियों का पेट्रोल निकलता है। इस वक्त खबर आ रही है कि जंग की आग में भारत के 20 बड़े कार्गो जहाज फंस गए हैं। भारत ने अपने इन जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए नौसेना के घातक युद्धपोत मैदान में उतार दिए हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय नौसेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में 5 से ज्यादा युद्धपोत तैनात किए हैं। सेना ने आधिकारिक पुष्टि तो नहीं की है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि नौसेना के डेस्ट्रॉयर्स और फ्रिगेट्स (Destroyers and Frigates) ने मोर्चा संभाल लिया है। इनका काम उन जहाजों को सुरक्षा देना है जो ईरान और अमेरिका की मिसाइलों के बीच फंसे हुए हैं।

क्या ईरान ने भारत को दी जहाज निकलाने की अनुमति?
तनाव के बीच एक राहत भरी खबर यह है कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 'मित्र देशों' के जहाजों को निकलने की अनुमति दे दी है। इसमें भारत का नाम प्रमुखता से शामिल है। मुंबई में ईरानी कॉन्सुलेट ने साफ किया है कि भारत, रूस और चीन जैसे दोस्तों के लिए रास्ता खुला है, बशर्ते उनका वेरिफिकेशन पूरा हो।
कितने जहाज भारत की ओर आ रहे हैं?
समंदर के इस 'डेथ जोन' को पार कर दो मेगा इंडियन टैंकर अगले कुछ घंटों में भारत पहुंचने वाले हैं।
- पाइन गैस (Pine Gas): यह 45 हजार टन LPG लेकर न्यू मैंगलुरु पोर्ट की ओर बढ़ रहा है। 27 मार्च तक इसके पहुंचने की उम्मीद है। इस पर 27 भारतीय सवार हैं।
- जग वसंत (Jag Vasant): इस पर 46 हजार टन LPG लोड है और यह आज यानि 26 मार्च को कांडला पोर्ट पहुंचेगा। इस पर 33 भारतीय क्रू मेंबर्स मौजूद हैं।
- बाकी फंसे जहाज: अभी भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास भारत के 20 जहाज और 540 नागरिक फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने की कोशिशें जारी हैं।
दोनों जहाजों पर कितना LPG लोड है?
- पाइन गैस: 4.5 करोड़ किलो गैस, जिससे करीब 31 लाख घरेलू सिलेंडर भरे जा सकते हैं।
- जग वसंत: करीब 31.70 लाख घरेलू सिलेंडरों की क्षमता।
- कुल राहत: इन दो जहाजों से भारत के 62 से 63 लाख घरों में चूल्हा जल सकेगा।
भारत के पास कितना तेल भंडार है?
पेट्रोलियम राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने संसद में देश की 'एनर्जी तिजोरी' का हाल बताया है।
- स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR): भारत के पास विशाखापत्तनम, मंगलुरु और पडुर में जमीन के नीचे विशाल तेल भंडार हैं।
- वर्तमान स्थिति: भारत का रणनीतिक तेल भंडार अभी 64% (लगभग दो-तिहाई) भरा हुआ है। इसमें फिलहाल 33.72 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल जमा है।
- बैकअप: इमरजेंसी की स्थिति में यह रिजर्व लगभग 9.5 दिनों की सप्लाई दे सकता है। अगर रिफाइनरी और अन्य स्टॉक मिला लें, तो भारत के पास कुल 60 से 70 दिन का बैकअप मौजूद है।
इन लोगों की LPG सप्लाई बंद करने की तैयारी?
सरकार ने गैस नेटवर्क को मजबूत करने के लिए एक कड़ा फैसला लिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार, जिन इलाकों में PNG (पाइप वाली गैस) की सुविधा है, वहां ग्राहकों को 3 महीने के भीतर कनेक्शन लेना होगा। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उनकी LPG सिलेंडर की सप्लाई बंद कर दी जाएगी।
भारत किन देशों से खरीद रहा है तेल?
भारत अपनी जरूरत का 88% कच्चा तेल विदेशों से मंगाता है। वर्तमान में रूस भारत का सबसे बड़ा सप्लायर है। फरवरी 2026 तक रूस से प्रतिदिन 10.4 लाख बैरल तेल भारत आ रहा है। भारत दुनिया के 40 से ज्यादा देशों से तेल खरीदकर अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है।












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