हथियारों की कमी से जूझ रही है इंडियन आर्मी, न मशीनगन है, ना ही राइफल, स्नाइपर गन

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नई दिल्‍ली। चीन और पाकिस्‍तान से बिगड़ रहे भारत के रिश्‍तों के बीच एक चिंताजनक खबर आई है। एक रिपोर्ट में बताया गया है कि थल सैनिकों के पास राइफल्स, स्नाइपर गन, लाइट मशीनगन और कार्बाइन जैसे बेसिक हथियारों की कमी है। ऐसी स्थिति तब है जब भारतीय सेना दुनिया की ताकतवर सेनाओं में गिनी जाती है। टाइम्‍स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक बीते एक दशक के दौरान दूसरे देशों से हथियार मंगाने से संबंधित परियोजनाएं बार-बार रद्द हुई हैं। दूसरी तरफ विकल्प के रूप में विकसित किए गए स्वदेशी हथियार कसौटी पर खरे उतरने में विफल रहे हैं।

हथियारों की कमी से जूझ रही है इंडियन आर्मी, न मशीनगन है, ना ही राइफल, स्नाइपर गन

खबर के मुताबिक छोटे हथियारों के आने में देरी को लेकर पिछले हफ्ते सेना के कमांडरों के बीच बातचीत हुई थी। इसमें सेनाध्यक्ष बिपिन रावत ने अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों से कहा कि उन्हें (हथियार) उपलब्ध कराने से संबंधित प्रक्रिया पर ध्यान देकर उसमें संतुलन लाने की जरूरत है। बड़े ऑपरेशन के लिए के तोपखाने, बंदूक, एयर डिफेंस मिसाइल और हेलिकॉप्टर को लेकर कुछ योजनाएं ट्रैक पर हैं लेकिन छोटे हथियार अभी भी चिंता का कारण हैं। सूत्रों का कहना है कि सेना को आधुनिक पीढ़ी की आठ लाख 18 हजार 500 असॉल्ट राइफलों, चार लाख 18 हज़ार 300 सीक्यूबी, 43 हजार 700 हल्की मशीनगनों और साढ़े पांच हजार से अधिक स्नाइपर राइफलों की जरूरत हैं।

उन्होंने बताया कि इनमें वायु और नौ सेना के हथियार भी शामिल हैं। आपको बता दें कि सेना के पास हथियारों के कमी की ये कोई पहली खबर नहीं है। इससे पहले भी बीते जुलाई माह में कैग की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि अगर लड़ाई छिड़ जाए तो भारत के पास सिर्फ 10 दिनों के लिए गोला बारूद है।

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English summary
From assault to sniper rifles, machine guns to carbines, soldiers yet to get basic infantry weapons.

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