यूपी के प्रवासी मजदूरों को रोकना चाहते हैं चार राज्य, सीएम योगी को फोन कर की ये अपील
नई दिल्ली। देशव्यापी लॉकडाउन के तीसरे चरण का आज तीसरा दिन है, कोरोना संकट में देशबंदी के चलते विभिन्न राज्यों में रह रहे प्रवासी मजदूर आजीविका की समस्या से जूझ रहे हैं। ऐसे में सबसे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने राज्य के प्रवासी मजदूरों को वापस बुलाने का फैसला किया था। उन्होंने बसों और अन्य माध्यमों से श्रमिकों को वापस लाने के लिए सुविधा प्रदान करने की घोषणा की थी। लेकिन अब कई राज्य नहीं चाहते कि उनके यहां काम करने वाले यूपी के मजदूर अपने घर वापस जाएं। पंजाब, कर्नाटक, हरियाणा और गुजरात के मुख्यमंत्रियों ने सीएम योगी को फोन कर अपील की है कि वह प्रवासी मजदूरों को वापस ना बुलाएं।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश और बिहार से काम की तलाश में बड़ी संख्या में लोग विकसित राज्यों का रुख करते हैं। पंजाब, तेलंगाना, महाराष्ट्र जैसे राज्यों के आर्थिक विकास में इन प्रवासी मजदूरों का बहुत बड़ा योगदान है। कोरोना संकट से निबटने के लिए जब देश में लॉकडाउन लागू हुआ तो अन्य राज्यों में काम कर रहे प्रवासी मजदूरों के साथ अच्छा सलूक नहीं हुआ। उनकी रोजी छिन गयी और कोई आसरा न रहा तो वे अपने घरों की ओर पलायन करने लगे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम योगी ने अपने प्रवासी मजदूरों का दिल खोलकर स्वागत किया और उनकी घर वापसी के लिए संसाधनों का भी इंतजाम किया। जब कई राज्यों से मजदूर घर वापस आने लगे तो उन प्रदेशों को अब अपने आर्थिक विकास की चिंता सताने लगी है। मंगलवार और बुधवार को सीएम योगी के पास चार मुख्यमंत्रियों के फोन आए जिसमें उनको आश्वासन दिया गया कि वह अपने राज्य से आने वाले प्रवासी मजदूरों को वापस ना बुलाएं, प्रदेश सरकार मजदूरों का पूरा ध्यान रखेगी और उनको कई तरह की सहायता देना का भी वादा किया है। पंजाब, कर्नाटक, हरियाणा और गुजरात के मुख्यमंत्रियों को इस बात की चिंता सताने लगी है कि लॉकडाउन के बाद उनके सामने मजदूरों की भारी कमी होगी जो राज्य के आर्थिक विकास में बाधा बनेगी।
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