RSS के कार्यक्रम में प्रणब मुखर्जी, सकते में कांग्रेस के शीर्ष नेता
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नई दिल्ली। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी आरएसएस के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बनकर जाएंगे, इस खबर के सामने आने के बाद कांग्रेस पार्टी के भीतर हर कोई सकते में है। दरअसल सोनिया गांधी और राहुल गांधी मौजूदा समय में देश में नहीं है, ऐसे में उनकी अनुपस्थिति में कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं ने इस मुद्दे पर कुछ भी कहने इनकार किया है और वह इसपर बोलने से पूरी तरह से कतरा रहे हैं। आरएसएस के मुताबिक 7 जून को प्रणब मुखर्जी त्रितिय वर्ष वर्ग के विदाई समारोह में शिरकत करेंगे और लोगों को संबोधित करेंगे।

प्रणब मुखर्जी ने सहमति दी
आरएसएस के एक कार्यकर्ता ने भी इस बात की पुष्टि की है कि हमने प्रणब मुखर्जी को कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि आने का न्योता दिया है और पूर्व राष्ट्रपति ने इसपर अपनी सहमति भी दे दी है। वहीं प्रणब मुखर्जी के आरएसएस के कार्यक्रम में जाने पर एक कांग्रेस नेता का कहना है कि वह प्रणब मुखर्जी ही थे जिन्होंने एआईसीसी के बुरारी सेशन में 2010 में यूपीए सरकार को आरएसएस और इसकी सहयोगी संस्था के खिलाफ आतंकी संगठनों के साथ संबंध कि जांच करवाने की बात कही थी।
शीर्ष नेता चुप
कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेता एके एंटनी ने इस मुद्दे पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है, उन्होंने कहा कि मुझे इस कार्यक्रम की जानकारी नहीं है। वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि वह बुद्धिजीवी हैं, वह देश के राष्ट्रपति रहे हैं, वह सेक्युलर विचार के हैं, ऐसे में मुझे नहीं लगता है कि उनकी सोच में किसी भी तरह का कोई बर्ताव आया होगा, वह अब भी वैसे ही रहेंगे जैसे पहले थे।
खुद प्रणब मुखर्जी दे सकते हैं जवाब
वहीं जब इस बारे में कांग्रेस के दिग्गज नेता मनीष तिवारी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि इसका सही जवाब खुद पूर्व राष्ट्रपति दे सकते हैं, उन्हें न्योता दिया गया है, वह वहां जाएंगे या नहीं, यह सब पूर्व राष्ट्रपति से ही पूछना चाहिए। साथ ही अन्य कांग्रेस नेताओं ने इसपर कहा कि आप हमसे क्यों पूछ रहे हैं, पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं से इस बारे में पूछें। गौरतलब है कि प्रणब मुखर्जी अपने पूरे जीवनकाल में लगभग कांग्रेस के साथ ही रहे हैं।
कई बार मिल चुके हैं मोहन भागवत से
नागपुर स्थित आरएसएस के मुख्यालय में सूत्रों का कहना है कि प्रणब मुखर्जी ने आरएसएस चीफ मोहन भागवत से राष्ट्रपति भवन छोड़ने से पहले चार बार मुलाकात की है। दोनों के बीच पहली मुलाकात उस वक्त हुई थी जब वह राष्ट्रपति थे, इसके बाद दो बार राष्ट्रपति भवन छोड़ने के बाद दोनों के बीच मुलाकात हुई है। सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने प्रणब मुखर्जी और मोहन भागवत की मुलाकात कराई थी।












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