पीएम मोदी के आलोचक रहे गोवर्धन झड़पिया को बीजपी ने बनाया यूपी का प्रभारी

नई दिल्ली। 2002 के गोधरा दंगों के दौरान गुजरात के गृह मंत्री रहे गोवर्धन झड़पिया को बीजेपी ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया है। गोवर्धन झड़पिया गुजरात के एक वरिष्ठ नेता हैं। वह एक समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बड़े आलोचक रहे हैं। उन्होंने भाजपा की राष्ट्रीय राजनीति में वापसी करके सभी को चौंका दिया। बुधवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने 17 राज्यों के लिए पार्टी प्रभारियों और सह प्रभारियों की नियुक्ति की है। पार्टी ने केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को राजस्थान का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया जबकि भूपेंद्र यादव को बिहार की जिम्मेदारी सौंपी गई। बता दें कि बीजेपी अलग होने के बाद झड़पिया ने मोदी को एक इंटरव्यू में बिच्छू कहा था।

BJP ने UP का प्रभारी बदला

BJP ने UP का प्रभारी बदला

नियुक्त किए गए इन 17 प्रभारियों में सबसे चौकाने वाला नाम उत्तर प्रदेश के प्रभारी गोवर्धन झड़पिया का है। 2002 में गुजरात दंगे हुए थे तो उस समय झड़पिया राज्य की तत्कालीन मोदी सरकार में गृह मंत्री थे। उसके बाद झड़पिया और मोदी के रिश्ते बिगड़ गए थे। गुजरात के गृहमंत्री रहे झड़पिया पर आरोप लगाए गए थे कि उन्होंने हिंसा रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाए। इसके बाद तत्कालीन सीएम मोदी ने उनसे गृहमंत्री के पद से हटा दिया था। 2007 में अपनी अलग पार्टी बनाने के बाद उन्होंने बीजेपी के विरोधी केशुभाई पटेल की पार्टी में अपनी पार्टी का विलय कर लिया। लेकिन 2014 लोकसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने फिर से बीजेपी का दामन थाम लिया।

 उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने जाति समीकरण का विशेष ध्यान रखा है

उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने जाति समीकरण का विशेष ध्यान रखा है

80 सीटों वाले सबसे महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने जाति समीकरण का विशेष ध्यान रखा है। बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के लिए तीन प्रभारी-सह प्रभारी नियुक्त किए है। इनमें गोवर्धन झड़पिया, दुष्यंत गौतम और नरोत्तम मिश्रा का नाम शामिल है। गोवर्धन झड़पिया पिछड़ी जाति से ताल्लुक रखते हैं, जबकि दुष्यंत गौतम एससी और नरोत्तम मिश्र ब्राह्मण हैं। झड़ापिया को वीएचपी के पू्र्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया का करीबी माना जाता है। इन दिनों तोगड़िया मोदी के धुर विरोधी हैं। यहीं नहीं झड़ापिया गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल और संजय जोशी के भी करीबी माने जाते है, जिनसे मोदी के रिश्ते अच्छे नहीं हैं।

हार्दिक पटेल को उकसाने में झडापिया की अहम भूमिका थी

हार्दिक पटेल को उकसाने में झडापिया की अहम भूमिका थी

माना जाता है कि हार्दिक पटेल को उकसाने में शक्तिशाली पटेल नेता झडापिया की अहम भूमिका है, जो गुजरात में सत्तारूढ़ भाजपा के लिए बड़ी मुश्किल बनकर उभरा है। आनंदीबेन पटेल को गुजरात के मुख्यमंत्री पद से हटाने के पीछे झड़ापिया की अहम भूमिका मानी जाती है। पार्टी के सूत्रों के मुताबिक, झड़ापिया को एक चतुर नेता माना जाता है और उनके संगठनात्मक कौशल से बीजेपी को यूपी में फायदा पहुंच सकता है।

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