अखिलेश यादव ने ठाट-बाट के लिए सरकारी बंगले में कराया 467 लाख का अवैध निर्माण: रिपोर्ट
लखनऊ। लोक निर्माण विभाग की जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने सरकारी आवास को आलीशान बंगले में तब्दील करने में 467 लाख का अवैध निर्माण कार्य कराया था। रिपोर्ट में ये बात सामने आई है कि विभिन्न निर्माण कार्यों पर 557.86 लाख रुपये खर्च आया है। जिसमें से 467 लाख पूरी तरह से अवैध थे, जिनका खर्चा कहां से हुआ है, इसका खुलासा अभी नहीं हुआ है। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पूर्व सीएम अखिलेश यादव द्वारा खाली किए गए चार विक्रमादित्य मार्ग स्थित सरकारी बंगले में भारी तोड़फोड़ किए जाने की जांच बुधवार (01 अगस्त) को सौंपी गई थी।

लोक निर्माण विभाग की जांच रिपोर्ट
लोक निर्माण विभाग की जांच रिपोर्ट 266 पेज की है जिसमें कहा गया है कि बंगले में छत, किचन, बाथरूम और लॉन में सबसे ज्यादा तोड़-फोड़ की है और कई जगह सीलिंग तोड़कर बिजली का सामान निकाला गया।

रिपोर्ट में बंगले का वीडियो भी है..
यही नहीं आवास में कई जगहों पर टाइल्स, एसी के स्विच बोर्ड, किचन की सिंक और टोंटी, बाथरूम की टोटियां और लॉन की कुर्सी , जिम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, बैडमिंटन कोर्ट और साइकल ट्रैक बुरी तरह से क्षतिग्रस्त है। रिपोर्ट में बंगले का वीडियो भी है।

राज्य संपत्ति विभाग से अनुमति नहीं ली थी अखिलेश यादव ने
मालूम हो कि यूपी सरकार ने गुरुवार को कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सरकारी बंगले में विभिन्न निर्माण कार्य किया था, जिसके लिए उन्होंने राज्य संपत्ति विभाग से अनुमति नहीं ली थी और अब इस मामले में कानून अपना काम करेगा।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सरकारी बंगला खाली किया था..
आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अखिलेश यादव ने सरकारी बंगला खाली किया था, उन्होंने 8 जून 2018 को सरकारी आवास की चाभी राज्य सम्पत्ति विभाग को सौंपी थी। इसके बाद बंगले में तोड़फोड़ की बात सामने आई थी।












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