आंध्र प्रदेश में नए मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण सोमवार को, जातीय समीकरण पर टिकी है निगाह

अमरावती, 10 अप्रैल: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी नए प्रयोग के लिए जाने जाते हैं। अब वो अपनी कैबिनेट का पुनर्गठन कर रहे हैं, जिसके तहत 24 मंत्रियों ने इस्तीफा दिया, जिसे राज्यपाल ने रविवार को स्वीकार कर लिया। नए मंत्रियों में अनुभवी नेताओं के साथ युवाओं को भी शामिल किया गया है। जिनका शपथ ग्रहण सोमवार को होगा। अपने नए मंत्रिमंडल में सीएम रेड्डी ने जातीय समीकरण का पूरा ध्यान रखा है।

Jagan

जून 2019 में जीत के बाद जब जगन मोहन रेड्डी ने सरकार बनाई तो उन्होंने कैबिनेट में एससी, एसटी, अल्पसंख्यकों और पिछड़े वर्गों को समान प्रतिनिधित्व दिया था। उस दौरान उनकी कैबिनेट के 24 मंत्रियों में से 56 प्रतिशत एससी, एसटी, ओबीसी और समाज के अल्पसंख्यक वर्गों से थे। निष्पक्ष सामाजिक प्रतिनिधित्व के इसी आदर्श वाक्य को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने कैबिनेट में उनके प्रतिनिधित्व को बढ़ाकर 68 प्रतिशत कर दिया है।

पिछली कैबिनेट में 5 एससी, 1 एसटी, 7 ओबीसी, 1 अल्पसंख्यक और 11 अन्य जातियों के विधायक मंत्री थे। न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि पिछली कैबिनेट से बनाए गए 11 मंत्रियों में से 4 अनुसूचित जाति से, 5 बीसी से और 2 अन्य श्रेणी (ओसी) से हैं। वहीं रेड्डी ने पांच उपमुख्यमंत्री नियुक्त किए थे, जिसमें एससी, एसटी, अल्पसंख्यक शामिल थे। इस बार भी ये प्रयोग देखने को मिलेगा। सूत्रों के मुताबिक महिला सशक्तिकरण पर भी सीएम ध्यान दे रहे हैं, जिस वजह से नई कैबिनेट में उनकी संख्या ज्यादा हो सकती है।

वहीं वाईएसआरसीपी जनरल सेक्रेट्री एस. रामकृष्ण रेड्डी ने कहा कि सोमवार को शपथ ग्रहण समारोह होगा। जगन के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा एससी, एसटी, अल्पसंख्यकों और पिछड़े वर्गों को दिया गया प्रतिनिधित्व आंध्र प्रदेश के इतिहास में अनसुना है और ये इस कैबिनेट में भी रहेगा।

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