एस जयशंकर के साथ बैठक में ईरान के विदेश मंत्री ने नहीं उठाया पैगंबर पर टिप्पणी का मामला: केंद्र
नई दिल्ली, 9 जून: ईरान के विदेश मंत्री डॉक्टर हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियन 8 जून को तीन के भारत दौरे पर पहुंचे हैं। दिल्ली पहुंचे पर अब्दुल्लाहियन ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ अहम बैठकें की। इसके बाद बताया गया कि अब्दुल्लाहियन की ओर से पूर्व भाजपा नेताओं के पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी का मामला भी उठाया गया लेकिन केंद्र सरकार ने अब इसको नकार दिया है।
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गुरुवार को अपनी प्रेस वार्ता में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियन की बैठक के दौरान पैगंबर पर टिप्पणी का मुद्दा उठने से जुड़े सवाल पर कहा, मेरी समझ यह है कि इस मुद्दे को इस बैठक के दौरान नहीं उठाया गया था। वहीं अजित डोभाल और ईरान के विदेश मत्री का बैठक में इस मुद्दे को उठाए जाने के सवाल पर बागची ने कहा कि मैं वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों की टिप्पणियों पर टिप्पणी नहीं करूंगा।
बागची ने कहा कि हमने यह पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि जो विवादित ट्वीट और टिप्पणियां की गईं, वो सरकार के विचारों को नहीं दर्शाती हैं। यह हमारे वार्ताकारों को भी अवगत करा दिया गया है और इस तथ्य से भी अवगत कराया गया है कि टिप्पणी और ट्वीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
एक न्यूज एजेंसी ने ईरानी पक्ष के हवाले से बताया था कि अब्दुल्लाहियन ने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ असम्मानजनक कमेंट से बने नकारात्मक माहौल का मुद्दा उठाया, इस पर भारतीय पक्ष ने इस्लाम के संस्थापक के लिए भारत सरकार के सम्मान को दोहराया था। ईरान के अनुसार, एनएसए डोभाल ने पैगंबर के प्रति भारतीय सरकार के सम्मान को दोहराते हुए कहा कि 'दोषियों' से इस तरह से निपटा जाएगा ताकि अन्य लोग भी सबक सीख सकें।












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