सांसदों पर पाबंदी: न कमरे में खाना बनाएं और न खाएं, भूख लगे तो कैंटीन जाएं
नई दिल्ली- जो सांसद इस बार पहली दफे लोकसभा के लिए चुने गए हैं, उन्हें नया सरकारी आवास आवंटित होने तक नई दिल्ली के जनपथ स्थिति वेस्टर्न कोर्ट हॉस्टल में ठहराने की व्यवस्था की गई है। लेकिन, पिछली बार के अनुभवों को देखते हुए इस बार उनके लिए एक सख्त निर्देश जारी कर दिया गया है कि सांसद न तो अपने कमरों में खाना बना सकते हैं और न ही खा सकते हैं। गौरतलब है कि इस बार वेस्टर्न कोर्ट में बनी नई और शानदार बिल्डिंग में 82 नए सांसदों को ठहराने का इंतजाम किया गया है।

कमरों में खाना नहीं मंगवा पाएंगे सांसद
वेस्टर्न कोर्ट के रिसेप्शन पर ही एक नोटिस लगाकर सांसदों को बता दिया गया है कि वे अपने कमरों में सिर्फ ठहर सकते हैं, लेकिन उन्हें वहां खाना बनाने या खाने की इजाजत नहीं है। भूख लगने पर उन्हें कैंटीन में ही जाना होगा, जहां उनके खाने-पीने के पूरे इंतजाम हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वेस्टर्न कोर्ट एनेक्सी मैनेजमेंट ने कैंटीन चलाने वालों से भी स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि उन्हें किसी सांसद के दबाव में आने की जरूरत नहीं है और कोई सांसद अगर कहता है तो उनसे बताएं कि रूम सर्विस की यहां कोई व्यवस्था नहीं है और माननीय सांसदों को नाश्ते, लंच और डिनर के लिए कैंटीन में ही आना होगा। हालांकि, किसी सांसद के बीमार होने या किसी और दूसरी विशेष परिस्थितियों में कैंटीन स्टॉफ की सेवा लेने की छूट रहेगी।

पिछले साल प्रधानमंत्री ने किया था उद्घाटन
वेस्टर्न कोर्ट एनेक्सी की नई बिल्डिंग का पिछले साल 4 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया था और तब तत्कालीन लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन भी वहां मौजूद थीं। नई इमारत मुख्य बिल्डिंग के पीछे वाली जमीन पर बनाई गई है, जिसमें 88 आलीशान सुइट तैयार करवाए गए हैं। जब तक नए सांसदों को उनका आवास आवंटित नहीं होता, तब तक वे यहीं ठहरेंगे। पहले नए सांसदों को महंगे होटलों में ठहराना पड़ता था, जिसपर सरकार को करोड़ों रुपये फूंकने पड़ते थे।

कनॉट प्लेस के साथ ही हुआ मुख्य इमारत का निर्माण
वेस्टर्न कोर्ट की मुख्य इमारत 1931 में लुटियंस की योजना के मुताबिक ही कनॉट प्लेस के साथ बनाई गई थी। इसकी डिजाइन एडविन लुटियन के सहयोगी रॉबर्ट टोर रसेल ने तैयारी की थी। इस भवन के हॉस्टल में सांसद या उनकी सिफारिश पर उनके गेस्ट के ठहरने का प्रबंध है। यहां ठहरने वालों के लिए कमरों का किराया तय किया गया है। लेकिन, अभी सांसदों के ठहरने का खर्च सरकार उठाएगी। अलबत्ता खाने-पीने का खर्चा उन्हें खुद ही उठाना पड़ेगा।

कितना है किराया?
वेस्टर्न कोर्ट के नए हॉस्टल में एक से तीन दिन तक दो सदस्यों के रहने पर एक कमरे का चार्ज दो हजार रुपये प्रतिदिन लगता है। चार से सात दिन के लिए तीन हजार रुपये प्रतिदिन देना पड़ता है। सांसदों के गेस्ट को यहां ठहरने और खाने-पीने का खर्चा खुद ही उठाना पड़ता है।

2014 में क्या हुआ था?
2014 में 16वीं लोकसभ के लिए 300 सांसद पहली बार चुने गए थे। इतने ज्यादा संख्या में सांसदों को ठहराने के लिए सरकार के पास जगह नहीं थी। क्योंकि, 15वीं लोकसभा में सांसद नहीं चुने जाने वाले लोगों ने तब तक अपना आवास खाली नहीं किया था। इसने सरकार को सैकड़ों सांसदों को दिल्ली के महंगे होटलों में ठहरने का प्रबंध करना पड़ गया था। उन सांसदों को 5 स्टार होटलों में इतना मन लग गया कि वे कई दिनों तक उसे ही अपना ठिकाना बनाए रहे। इसके चलते सरकार को 30 करोड़ रुपये से ज्यादा के बिल का भुगतान करना पड़ गया। तभी नए सांसदों के लिए अस्थाई हॉस्टल के तौर पर वेस्टर्न कोर्ट एनेक्सी बनाने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया और 4 अप्रैल, 2018 को नई बिल्डिंग की ओपनिंग कर दी गई।












Click it and Unblock the Notifications