• search

मुल्लापेरियार बांध से पानी छोड़ने पर केरल में आई बाढ़?

By Bbc Hindi
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts
    केरल
    Getty Images
    केरल

    केरल में आई विनाशकारी बाढ़ के पीछे अलग-अलग वजहें बताई जा रही हैं. केरल सरकार ने अब एक नई वजह बताई है. गुरुवार को केरल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि तमिलनाडु द्वारा मुल्लापेरियार बांध से अचानक पानी छोड़ा जाना भी बाढ़ की बड़ी वजहों में से एक है.

    केरल की ओर से अदालत में कहा गया था कि 3.48 करोड़ आबादी वाले इस राज्य में तकरीबन 54 लाख लोग बाढ़ से सीधे प्रभावित हुए हैं.

    केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी को एक चिट्ठी लिखकर मुल्लापेरियार बांध का जलस्तर कम करने का आग्रह किया था.

    इस सिलसिले में केरल के ही रहने वाले रसेल रॉय ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की थी और तमिलनाडु सरकार द्वारा मुल्लापेरियार बांध के जलस्तर में एक निश्चित सीमा बनाए रखने की गुज़ारिश की थी.

    इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर विचार करते हुए शुक्रवार को तमिलनाडु सरकार से कहा कि वो यह सुनिश्चित करे कि मुल्लापेरियार बांध में पानी का स्तर 139 फ़ीट पर बना रहे.

    यह निर्देश चीफ़ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविल्कर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की एक पीठ ने जारी किया.

    इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अपने ही एक फ़ैसले में तमिलनाडु के बांध की जलस्तर सीमा 142 फ़ीट तक तय की थी लेकिन केरल की बाढ़ को देखते हुए कोर्ट ने इसे 139 फ़ीट कर दिया है.

    अदालत ने दोनों राज्यों को एक दूसरे का सहयोग करने और मुल्लापेरियार बांध के मसले पर दिए गए निर्देशों का पालन करने को कहा है.

    बेंच ने यह साफ़ किया कि फ़िलहाल वो केरल की भयानक बाढ़ के मद्देनज़र निर्देश जारी कर रही है.

    हालांकि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने शुक्रवार को केरल के आरोपों को 'ग़लत और बेबुनियाद' बताया था.

    तमिलनाडु सरकार की तरफ़ से यह भी कहा गया था कि बांध में पानी का मौजूदा बहाव 20,000 क्यूसेक है और बारिश की वजह से पानी के स्तर को तुरंत कम करना मुमकिन नहीं है.

    कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख़ छह सितंबर तय की है.

    केरल
    Getty Images
    केरल

    बांध को लेकर क्यों झगड़ते हैं तमिलनाडु और केरल?

    मुल्लापेरियार बांध केरल के इडुक्की जिले में थेकडी के पास पश्चिमी घाट में पेरियार नदी पर बना है.

    समुद्र तल से लगभग 2,890 फ़ीट की ऊंचाई पर बना 119 साल पुराना यह बांध भौगोलिक रूप से तो केरल में है लेकिन इसका संचालन तमिलनाडु के हाथ में है.

    केरल
    AFP
    केरल

    इसे लेकर तमिलनाडु और केरल में विवाद की एक प्रमुख वजह यह है कि तमिलनाडु खेती समेत बाकी बुनियादी ज़रूरतों के लिए पूरी तरह पेरियार नदी के पानी पर आश्रित है.

    इसलिए वो हमेशा बांध में जलस्तर बढ़ाने की वकालत करता है. दूसरी तरफ़ केरल सुरक्षा वजहों से बांध में एक निश्चित सीमा के ऊपर जलस्तर बढ़ाने का विरोध करता है.

    क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

    केरल फ़ॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (KFRI) के पूर्व निदेशक डॉक्टर पीएस. एसा इस बात को मानते हैं कि बांधों से अचानक पानी छोड़ा जाना बाढ़ की वजह बन सकता है.

    उन्होंने बीबीसी से बातचीत में कहा, "बांधों और कृत्रिम जलाशयों से पानी तभी छोड़ा जाता है जब यह ख़तरे के निशान से ऊपर पहुंच जाता है. जलस्तर ख़तरे के निशान पर अचानक पानी छोड़ने की बजाय ऐसी नौबत आने से पहले ही थोड़ा-थोड़ा करके पानी छोड़ना चाहिए."

    केरल में बाढ़ की वजह से अब तक 350 से ज़्यादा लोगों की जानें जा चुकी हैं और लाखों लोग बेघर हो चुके हैं.

    केंद्र सरकार ने राहत और बचाव कार्य के लिए केरल को 600 करोड़ रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है.

    ये भी पढ़ें: दादी-पोती की वायरल तस्वीर का पूरा सच

    असम में डिटेंशन कैंप के भीतर क्या क्या होता है

    'सेव गर्ल चाइल्ड’ पेंटिंग बनाने वाली बच्ची क्यों झुलस गई?

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    BBC Hindi
    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Floods in Kerala after leaving water from Mullaperiyar dam

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X