Flashback 2020: दुनिया की नजर भारत पर, ये कंपनियां बना रही हैं स्वदेशी कोरोना वैक्सीन

नई दिल्ली। साल 2020, यह ऐसा वर्ष रहा है जिसे लोग अपनी पूरी जिंदगी रहते कभी नहीं भूल पाएंगे। कोरोना वायरस महामारी समेत कई और घटनाओं के चलते वर्ष 2020 ने अपना नाम इतिहास के उन पन्नों पर दर्ज करा लिया है जिसका जिक्र सदियों तक किया जाएगा। वर्तमान में इस साल का आखिरी महीना चल रहा है और आने वाले वर्ष 2021 से लोगों को सकारात्मक उम्मीदें हैं। जैसे-जैसे साल 2020 खत्म हो रहा है वैसे-वैसे लोग अपने दिमाग से इस साल को जल्द निकाल देना चाहते हैं। कोरोन वायरस महामारी की वजह से वर्ष 2020 को कभी भूलाया तो नहीं जा सकता लेकिन, कोविड-19 के खिलाफ वैक्सीन के रूप में वैज्ञानिकों की सफलता के लिए भी हमेशा इस वर्ष को याद रखा जाएगा।

भारत पर पूरी दुनिया की नजरें

भारत पर पूरी दुनिया की नजरें

चीन से निकलने के बाद वर्ष 2020, की शुरुआत से ही कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में पैर पसारना शुरू कर दिया था। भारत में इसका गंभीर असर मार्च, 2020 से देखने को मिला। पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का सबसे ज्यादा प्रकोप आमेरिका, भारत और ब्राजील में देखने को मिला। हालांकि दिसंबर तक भारत ने काफी हद तक कोरोना वायरस के फैलाव पर ब्रेक लगाया है। इस बीच कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में भारत की कई वैक्सीन निर्माता कंपनियों ने भी दुनिया का साथ दिया। वर्तमान में देश में कई कोविड-19 वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है जिमनें से कुछ को जल्दी की इमरजेंसी अप्रूवल मिलने की उम्मीद है। आज हम आपको बताने जा रहे है कि भारत में कौन-कौन सी कंपनियां हैं जो कोविड-19 वैक्सीन बना रही हैं।

भारत बायोटेक की Covaxine रेस में सबसे आगे

भारत बायोटेक की Covaxine रेस में सबसे आगे

आपको बता दें कि भारत में भारतीय दवा कंपनियां है जो कोरोना वायरस संक्रमण की वैक्सीन तैयार करने में जुटी हैं। इनके वैक्सीन को स्वदेशी वैक्सीन कहा जा सकता है जबकि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) जैसी कुछ भारतीय कंपनियां भी हैं जो विदेशों में बनी कोविड-19 वैक्सीन का ट्रायल भारत में कर रही हैं। कोरोना वायरस के खिलाफ अब तक सबसे अच्छे नतीजे देने वाली स्वदेशी वैक्सीन की बात करें तो वह कोवैक्सीन (Covaxine) है। इस वैक्सीन को हैदराबाद की कंपनी भारत बायोटेक ने नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने साथ मिलकर विकसित किया है। इस वैक्सीन के दो फेज के ट्रायल्स पूरे हो चुके हैं, अच्छी खबर यह है कि Covaxine कोविड-19 के खिलाफ अब तक असरदार रही है। बता दें कि भारत बायोटेक ने अपनी वैक्सीन के इमरजेंसी अप्रूवल के लिए भी आवेदन कर दिया है।

जायडस बायोटेक की वैक्सीन ZyCoV-D से भी देश की उम्मीदें

जायडस बायोटेक की वैक्सीन ZyCoV-D से भी देश की उम्मीदें

लिस्ट में दूसरे नंबर पर नाम आता है भारतीय दवा बनाने वाली कंपनी जायडस कैडिला का। यह कंपनी कोरोना वायरस के खिलाफ विकसित कई गई प्लाज्मिड डीएनए वैक्सीन 'जायकोवी-डी' (ZyCoV-D) पर काम कर रही है। गुजरात में बन रही इस वैक्सीन पर पूरी दुनिया की नजरें हैं। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद में जायडस बायोटेक पार्क का दौरा कर वैक्सीन के बार में जानकारी ली थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा कोरोना को महामारी घोषित करने के बाद जायडस इसकी वैक्सीन तैयार करने में जुट गई थी। फिलहाल ZyCoV-D वैक्सीन अपने दूसरे फेज के ट्रायल में है। इसका परीक्षण 15 जुलाई को शुरू हुआ था।

अरबिंदो फार्मा भी कर रहा वैक्सीन पर काम

अरबिंदो फार्मा भी कर रहा वैक्सीन पर काम

लिस्ट में तीसरा नंबर हैदराबाद स्थित भारतीय दवा कंपनी अरबिंदो फार्मा (Aurobindo Pharma) का आता है जो कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ वैक्सीन पर काम कर रही है। अरबिंदो फार्मा की वैक्सीन इस समय प्री-क्लीनिकल स्टेज में है। हाल ही में दिए एक बयान में अरबिंदो फार्मा ने कहा था कि उनकी कोरोना वैक्सीन का विकास अमेरिका स्थित प्रोफैक्टस बायोसाइंसेज द्वारा किया जा रहा है। इसके अलावा अरबिंदो फार्मा भारत में वैक्सीन की निर्माण क्षमता तैयार करमें जुटी है। कंपनी के मुताबिक वैक्सीन के बड़े पैमाने पर उत्पादन की योजना दो चरण में बनाई जा रही है।

दुनिया की कई कोविड-19 वैक्सीन का ट्रायल भारत में

दुनिया की कई कोविड-19 वैक्सीन का ट्रायल भारत में

इन भारतीय कंपनियों की स्वदेशी वैक्सीन के अलावा कुछ भारतीय कंपनियां विदेश में विकसित वैक्सीन पर भी काम कर रही हैं। इसमें सबसे बड़ा नाम सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया का है जो ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका द्वारा ब्रिटेन में मिलकर बनाई गई वैक्सीन कोवीशील्ड (Covishield) का ट्रायल कर रहा है। सीरम इंस्टीट्यूट को उम्मीद है कि वैक्सीन को जल्द भारत सरकार से भी आपातकाल में इस्तेमाल करने की अनुमति मिल जाएगी। बता दें कि पिछले महीने नवंबर में ही फेज-3 क्लीनिकल ट्रायल्स के नतीजे घोषित किए हैं। ब्रिटेन में Covishield को आम लोगों को दिए जाने की इजाजत भी मिल गई है। इसके अलावा सीरम इंस्टीट्यूट अमेरिकी कंपनी नोवावैक्स की कोरोना वैक्सीन NVX-CoV2373 का भी ट्रायल कर रहा है।

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