2020 में कैसे जम्मू-कश्मीर में आतंक की टूटी कमर ? आंकड़े बता रहे हैं कहानी
नई दिल्ली। डेढ़ साल पहले जब 5 अगस्त 2019 को जब केंद्र की मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर के विशेष राज्य का दर्जा खत्म करके हुए उसे केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया तो ये अंदाजा लगाना मुश्किल था कि वहां अगले कुछ महीनों में हालात कैसे होने वाले हैं। आलोचकों का कहना था कि जम्मू-कश्मीर में केंद्र के इस कदम से कश्मीरी युवाओं की झुकाव चरमपंथ की ओर बढ़ेगा। अब 2020 बीत रहा है तो ये जानना जरूरी हो जाता है कि जम्मू-कश्मीर के स्टेटस में बदलाव के बाद इस साल राज्य में आतंकी घटनाओं में क्या फर्क पड़ा है।

आलोचकों ने भले जो आशंकाएं जताई हों लेकिन आंकड़े बताते हैं इस साल जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाओं में काफी कमी आई है। हालांकि जम्मू-कश्मीर में एलओसी पर पाकिस्तान की तरफ से घुसपैठ की कोशिशें बढ़ी हैं लेकिन आतंकी गुटों को राज्य में सुरक्षाबलों ने भारी नुकसान पहुंचाया है।
घटनाओं में कमी लेकिन ज्यादा आतंकी मारे गए
जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को लेकर गृह मंत्रालय ने जो रिपोर्ट तैयार की है उसके मुताबिक 2019 में जनवरी से जुलाई के बीच 188 आतंकी घटनाएं हुई थीं वहीं साल 2020 में इसी समय के दौरान 120 आतंकी घटनाएं हुई हैं। वहीं 2019 में जनवरी से जुलाई के बीच 126 आतंकी मारे गए थे जबकि इस साल जनवरी से जुलाई के बीच 136 आतंकियों को सुरक्षा बलों ने ढेर किया। इस तरह न सिर्फ आतंकी घटनाएं कम हुईं हैं बल्कि सुरक्षाबलों को सफलता भी अधिक मिली है।
इसी अवधि में पिछले साल ग्रेनेड हमले की 51 घटनाएं हुई थीं जबकि 2020 में 21 ग्रेनेड हमले हुए हैं।
सुरक्षाबलों को कम नुकसान
साल 2020 सुरक्षाबलों के लिए भी अच्छा रहा है। जनवरी से लेकर जुलाई 2019 तक जहां आतंकियों से लड़ते हुए 76 सुरक्षाबल शहीद हुए थे वहीं साल 2020 में इसी अवधि में 35 सुरक्षाबलों ने जान गंवाई है। वहीं 2019 में जहां 23 आम नागरिकों की मौत हुई थी वहीं इस साल भी इसमें ज्यादा कमी नहीं आई है। आंकड़ों के मुताबिक इस साल 22 आम नागरिकों की जान गई है।
अगर आईईडी हमलों की बात करें तो पिछले साल जहां 6 आईईडी ब्लॉस्ट आतंकियों ने किए थे वहीं इस साल जनवरी से 15 जुलाई तक सिर्फ एक आईईडी ब्लास्ट हुआ है।
आतंकी संगठनों को बड़ा नुकसान
आतंकी संगठनों को हुए नुकसान की बात करें तो घाटी में सक्रिय हिजबुल मुजाहिदीन के 50 आतंकी मारे गए हैं। वहीं लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के 20-20 आतंकी सुरक्षाबलों ने मार गिराए हैं। जबकि सुरक्षाबलों के हाथों अंसार ग्रुप और आईएसजेके के 14 आतंकी ढेर हुए हैं।
जहां हिजबुल मुजाहिदीन का टॉप आतंकी नाइकू इस साल मारा गया वहीं जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर कारी यासिर भी सुरक्षाबलों के हाथों ढेर हुआ। लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर हैदर भी आतंकियों के हाथों मारा गया तो अंसार का बुरहान कोका को भी सुरक्षाबलों ने मार दिया।
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 रद्द करने के बाद सुरक्षाबलों ने 22 आतंकी ठिकानों को खोज निकालते हुए 190 हथियार जब्त किए हैं। वहीं सुरक्षाबलों ने 22 आतंकियों के साथ ही इनके 300 सहयोगियों का गिरफ्तार किया है।












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