लोकसभा चुनाव 2019: कैसा रहा पहले चरण का चुनाव?

नई दिल्ली- हिंसा, ईवीएम में गड़बड़ी एवं उसे तोड़ने, मतदाता सूचियों से नाम गायब होने की खबरों के बीच 18 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेश की 91 लोकसभा सीटों पर गुरुवार को मतदान खत्म हो गया। पहले चरण में आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में हिंसा की वारदातें हुई हैं। चुनावी हिंसा का सबसे खराब रूप आंध्र प्रदेश में देखने को मिला है, जहां दो दलों के समर्थकों के बीच हुई हिंसक झड़प में 2 लोगों की जान चली गई है।

नक्सलियों के गढ़ में 77% वोटिंग

नक्सलियों के गढ़ में 77% वोटिंग

तस्वीर में- भीमा मांडवी का परिवार

चुनाव आयोग की जानकारी के मुताबिक पहले चरण में पूरे देश में मध्यम से भारी मतदान होने की सूचना है। चुनाव आयोग के अनुसार उत्तर प्रदेश (8 सीट) में 63.69%, बिहार (4 सीट) में 50%, तेलंगाना (17 सीट) में 60%, उत्तराखंड (5 सीट) में 57.85%, असम (5 सीट) में 68%, पश्चिम बंगाल (2 सीट) में 81%, मेघालय (2 सीट) में 67.16%, मणिपुर (1 सीट) में 78.20%, लक्षद्वीप (1 सीट) में 66%, अरुणाचल प्रदेश (2 सीट) में 66%, महाराष्ट्र (7 सीट) में 56%, ओडिशा (4 सीट) में 68%, सिक्किम (1 सीट) में 69%, मिजोरम (1 सीट) में 60%, नागालैंड (1 सीट) में 78%, त्रिपुरा (1 सीट) में 81.856%, आंध्र प्रदेश (25 सीट ) में 66%, छत्तीसगढ़ (1 सीट) में 56% और जम्मू एवं कश्मीर (2 सीट ) में 54.49% वोटिंग हुई है। चुनाव आयोग के मुताबिक इन सभी लोकसभा क्षेत्रों में अंतिम वोट प्रतिशत में इजाफे की संभावना है। सबसे अच्छी खबर छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर की है, जहां श्यामगिरी मतदान केंद्र पर 77% मतदान हुआ है। सबसे बड़ी बात ये है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भरोसा जताते हुए दंतेवाड़ा में पूर्व बीजेपी विधायक भीमा मांडवी के पूरे परिवार ने भी मतदान किया, जिनकी पिछले 9 अप्रैल को नक्सली हमले में मौत हो गई थी।

पहले दौर में चुनावी हिंसा

पहले दौर में चुनावी हिंसा

प्रथम चरण के चुनाव में आंध्र प्रदेश में टीडीपी (TDP) और वाईएसआर (YSR) कांग्रेस के समर्थक आपस में भिड़ गए, जिसमें दोनों दलों के 1-1 लोगों की मौत हो गई। हिंसा की ये घटना अनंतापुरम जिले की ताडीपट्री विधानसभा क्षेत्र के एक गांव में हुई। गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश की सभी 25 लोकसभा सीटों और सभी 175 विधानसभा सीटों पर पहले फेज में हुआ चुनाव कराया गया है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और टीडीपी अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू ने हिंसा के लिए वाईएसआर कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है। जबकि, विपक्ष ने टीडीपी के स्थानीय सांसद और विधायक जेसी बंधुओं यानी सांसद जे सी दिवाकर रेड्डी और विधायक जे सी प्रभाकर रेड्डी पर वीरापुरम गांव के एक बूथ पर धांधली की कोशिश करने का आरोप लगाया है। इसके अलावा एलुरु, कडप्पा और गुंटूर जिलों से भी दोनों पार्टियों के समर्थकों के बीच पत्थरबाजी और हमला करने की घटनाएं सामने आई हैं। वहीं गुंटकल में जन सेना पार्टी के उम्मीदवार मधुसूदन गुप्ता को ईवीएम तोड़ने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। उनका आरोप था कि बैलट पर उनकी पार्टी का सिम्बॉल ठीक से प्रिंट नहीं हुआ था। वहीं महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली जिले में चुनाव के दौरान वाघेजरी इलाके के एक बूथ के पास आईईडी (IED) से धमाका किया गया। जबकि तड़के ही छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके के नारायणपुर में भी माओवादियों ने एक आईईडी धमाका किया था। राहत की बात ये है कि इन दोनों घटनाओं में कोई हताहत नहीं हुआ। हालांकि, छत्तीसगढ़ के ही बीजापुर जिले में चुनाव के दौरान 4 उग्रवादियों को हथियारों और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। ये इलाका माओवादियों का स्ट्रॉन्गहोल्ड माना जाता है। उधर, हजारों किलोमीटर दूर असम के डिब्रूगढ़ में भी चाय बागान से गुजरे तेल पाइपलाइन के पास एक आईईडी का पता चला था, जहां सुरक्षा बलों की मुस्तैदी के कारण कोई समस्या खड़ी नहीं हुई। जबकि, उत्तर प्रदेश के कैराना लोकसभा क्षेत्र में बीएसएफ के जवान को तब हवाई फायरिंग करनी पड़ गई, जब एक बूथ पर कुछ लोग बिना पहचान पत्र के ही जबरन वोट डालने की कोशिश कर रहे थे।

ईवीएम और मतदाता सूची में गड़बड़ी

ईवीएम और मतदाता सूची में गड़बड़ी

गुरुवार को संपन्न हुए चुनाव में कई जगहों से ईवीएम (EVM) में खराबी, मतदाता सूचियों में गड़बड़ी या नाम नहीं होने और वोट नहीं डालने देने जैसी काफी शिकायतें मिलीं हैं। कई पार्टियों के प्रमुखों ने पहले चरण के मतदान में प्रशासनिक और दूसरी खामियों को लेकर शिकायतें भी दर्ज कराई हैं, इनमें टीडीपी के चंद्रबाबू नायडू, आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल और पीडीपी की महबूबा मुफ्ती शामिल हैं। कई ईवीएम के ठीक से काम नहीं करने को लेकर चंद्रबाबू नायडू ने अपना पुराना राग अलापा कि कोई विकसित देश ईवीएम से चुनाव नहीं कराते और इसलिए वे लोग बैलट पेपर सिस्टम की बहाली चाहते हैं। उधर केजरीवाल ने भी चुनाव आयोग से ट्वीटर पर पूछा कि क्या ये चुनाव निष्पक्ष हो रहा है? उन्होंने आरोप लगाते हुए सवाल दागा कि सारे खराब ईवीएम में वोट बीजेपी के पक्ष में ही क्यों जाता है? पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती ने ईवीएम के ठीक से काम नहीं करने, पुंछ में कांग्रेस का बटन नहीं दबने और कुछ वर्दीधारी जवानों पर बीजेपी के लिए वोट डालने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए। नेशनल कांग्रेस नेता उमर अब्दुल्ला ने भी ऐसी ही आरोप लगाए हैं। उधर चुनाव आयोग के अनुसार ईवीएम डैमेज होने की कुछ घटनाओं की जानकारी भी मिली है, जिनमें 6 आंध्र प्रदेश, 5 अरुणाचल प्रदेश, 1 बिहार, 2 मणिपुर और 1 पश्चिम बंगाल की है। उधर महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली की चार बूथों पर पोलिंग पार्टी के नहीं पहुंचने से मतदान नहीं हो पाया, जहां आगे चुनाव कराया जाएगा।

पहले चरण में 18 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में 14 करोड़ से ज्यादा मतदाता हैं। पहले दौर के बाद 6 चरण का मतदान और बचा है। मतों की गिनती 23 मई को होनी है।

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