पहली बार हिंदी उपन्यास ने जीता बुकर प्राइज, गीतांजलि श्री ने रचा इतिहास

लंदन, 27 मई। दिल्ली की लेखिका गीतांजलि श्री देश की पहली महिला लेखक बन गई हैं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय बुकर प्राइज जीता है। उनका उपन्यास रेट समाधि जिसे अंग्रेजी में टूंब ऑफ सैंड के नाम से डेसी रॉकवेल ने ट्रांसलेट किया है उसे बुकर प्राइज से नवाजा गया है। बता दें कि यह पहली हिंदी भाषी किताब है जिसे इस अवॉर्ड के लिए चुना गया है। इस बाबत द बुकर प्राइज की ओर से ट्वीट करके जानकारी दी गई है। ट्वीट करके गीतांजलि श्री और श्री डेजी को बधाई दी गई है।

Recommended Video

    Geetanjali Shree Booker Prize: रेत समाधि के हर पन्ने पर एक नई कहानी जन्म लेती है | वनइंडिया हिंदी
    geetanjali

    बता दें कि यह किताब देश के बंटवारे पर आधारित है। किताब में बंटवारे के दौरान एक वृद्ध महिला के पति की मौत हो हो जाती है, यह उसपर आधारित है। बंगाली लेखक अरुनवा सिन्हा ने ट्वीट करके लिखा, ट्रांसलेटर डेजी रॉकवेल और लेखिका गीतांजलि श्री को टूंब ऑफ सैंड यानि रेत समाधि के लिए बुकर प्राइज मिला है। यह पहला भारतीय हिंदी उपन्यास है जिसे यह अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। आपको बधाई। बता दें कि गीतांजलि श्री ने कई छोटी कहानियां और उपन्यास लिखे हैं। इससे पहले 2001 में उनका उपन्यास क्रॉसवर्ड बुक अवॉर्ड के लिए चयनित हुआ था।

    बुकर प्राइज जीतने के बाद गीतांजलि श्री ने कहा कि मैंने कभी भी बुकर का सपना नहीं देखा था, मैंने इसके बारे में सोचा भी नहीं था। यह बहुत बड़ी पहचान है, मैं बहुत ज्यादा खुश हूं, मैं इससे बहुत खुश और सम्मानित महसूस कर रही हूं। पहली भारतीय महिला जिन्होंने हिंदी लेखन में बुकर प्राइज जीता है, इस उपलब्धि पर गीतांजलि ने कहा कि इस किताब और मेरे पीछे हिंदी की महान साहित्यिक परंपरा है। इस भाषा में अच्छे लेखकों को अब इस स्तर पर पहचान मिलेगी। इस संवाद से जीवन की शब्दावली और बेहतर होगी।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+