प्राइवेट स्कूलों को सरकार से रियायत, तो पेरेंट्स पर फीस का बोझ क्यों?
स्कूलों में मिलने वाली सुविधाएं जबरदस्ती पेरेंट्स पर थोपी जाती हैं और उन सुविधाओं के लिए उनसे मोटी फीस वसूली जाती है।
नई दिल्ली। बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले, ये हर मां-बाप का सपना होता है और इसके लिए वो हर संभव कोशिश भी करते हैं। लेकिन... उन सपनों को झटका तब लगता है, जब प्राइवेट स्कूल मनमाने तरीके से फीस का बोझ मां-बाप के ऊपर लाद देते हैं। पिछले दिनों यूपी के गाजियाबाद जिले में फीस बढ़ोतरी के मुददे पर ऑल स्कूल पेरेंट्स एसोसिएशन ने काफी आंदोलन किया, जो अभी तक जारी है। शुक्रवार को ऑल स्कूल पेरेंट्स एसोसिएशन की टीम वन इंडिया हिंदी न्यूज के ऑफिस पहुंची और इस मुद्दे पर बातचीत की।

ऑल स्कूल पेरेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष शिवानी जैन ने बताया कि सरकार से ट्रस्ट या संस्था के नाम पर रियायत लेने वाले प्राइवेट स्कूल मनमाने तरीके से 25 प्रतिशत तक फीस बढ़ा देते हैं। पेरेंट्स को चूंकि सरकार के नियमों की जानकारी नहीं होती, इसलिए वो फीस बढ़ोतरी का तर्क के साथ विरोध नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि अगर सरकार इस संबंध में पेरेंट्स को जागरूक करे तो समस्या काफी हद तक हल हो सकती है।
एसोसिएशन के सचिव सचिन सोनी ने कहा कि यूपी सरकार जिन नियमों या शर्तों के साथ सीबीएसई को एनओसी देती है, उन नियमों को स्कूल लागू ही नहीं करते। स्कूलों में मिलने वाली सुविधाएं जबरदस्ती पेरेंट्स पर थोपी जाती हैं और उन सुविधाओं के लिए उनसे मोटी फीस वसूली जाती है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में एक कड़ी नीति बनाने की आवश्यकता है।












Click it and Unblock the Notifications