कृषि कानूनों के खिलाफ तेज हुआ किसान आंदोलन, नेशनल हाईवे-9 को ब्लॉक करने की चेतावनी
केंद्र सरकार के कृषि काननूों के खिलाफ लगातार 26वें दिन किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है।
नई दिल्ली। Farmers Protest against Farm Laws. केंद्र सरकार के कृषि काननूों के खिलाफ लगातार 26वें दिन किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान इन कानूनों की मांग को लेकर दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं। किसान संगठनों ने सोमवार यानी आज से क्रमिक अनशन का ऐलान भी किया है। किसान संगठनों ने कहा कि हर रोज 11 किसान 24 घंटों के लिए भूख हड़ताल पर बैठेंगे। वहीं, केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने एक बार फिर किसानों को बातचीत का निमंत्रण भेजा है। हालांकि किसान अपनी मांग पर अड़े हुए हैं और उनका कहना है कि सरकार ये कृषि कानून वापस ले। वहीं, अपनी मांगों को लेकर किसानों ने नेशनल हाईवे-9 को ब्लॉक करने की चेतावनी भी दी है।
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आपको बता दें कि किसान संगठनों ने रविवार शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि आंदोलन के दौरान जिन किसानों की जान गई है, उनकी याद में शहीदी दिवस मनाया जाएगा और एक क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा। किसानों ने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ बारी-बारी से किसान भूख हड़ताल करेंगे। इसके साथ ही किसानों ने कहा कि अगर सरकार ये कृषि कानून वापस नहीं लेती तो फिर नेशनल हाईवे-9 को ब्लॉक किया जाएगा। दिल्ली की सीमाओं के अलावा पंजाब और राजस्थान में भी किसान संगठनों ने आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों की याद में श्रद्धांजली सभाओं का आयोजन किया है।
'सरकार ने फिर भेजी बातचीत के लिए चिट्ठी'
वहीं, किसानों की तरफ से भूख हड़ताल और नेशनल हाईव-9 को ब्लॉक करने की चेतावनी के बाद रविवार देर रात सरकार ने किसान संगठनों के 40 नेताओं को एक बार बातचीत का निमंत्रण देते हुए चिट्ठी भेजी। इस चिट्ठी में कहा गया है कि किसान संगठन कृषि कानूनों को लेकर सरकार से अगले दौर की बातचीत के लिए दिन और समय सुझाएं। सरकार की तरफ से आई इस चिट्ठी के जवाब में किसान संगठनों ने कहा कि वो चिट्ठी में लिखी हुई बातों पर चर्चा करेंगे और इसके बाद कोई फैसला लेंगे।












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