लाल किले पर निशान साहिब (Nishan Sahib) लहराने वाला कौन है?
Farmers Tractor Rally Violence: नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन पिछले दो महीनों से जारी है। इस बीच मंगलवार यानी गणतंत्र दिवस के मौके पर किसान संगठनों ने दिल्ली पुलिस से ट्रैक्टर रैली निकालने की इजाजत मांगी थी। लंबी मंत्रणा के बाद किसानों को तय रूट पर शांतिपूर्वक रैली निकालने की इजाजत मिल गई, लेकिन जिसकी आशंका थी राजधानी में वही घटना घटी, जहां सैकड़ों प्रदर्शनकारी लाल किले (Red Fort) पर पहुंच गए और वहां पर जमकर हिंसा की। इस दौरान एक प्रदर्शनकारी ने लाल किले पर निशान साहिब को लहरा दिया, जिसके परिजनों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

जुगराज के रूप में हुई पहचान
वायरल वीडियो में पंजाब के तरनतारन जिले के वान तारा सिंह गांव के जुगराज सिंह (Jugraj Singh) का जिक्र है। साथ ही दावा किया जा रहा है कि इसी युवक ने लाल किले पर सिख धार्मिक ध्वज निशान साहिब को लहराया था। इसके अलावा वीडियो में एक युवक ने गर्व से खुद को जुगराज का रिश्तेदार बताता है। बाद में वो उसके पिता बलदेव सिंह और दादा महल सिंह का परिचय देता है। वहीं जुगराज के परिजनों को दिल्ली और लाल किले पर हुई हिंसा का कोई दुख नहीं है, वो इसे गर्व का पल बता रहे हैं।
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दादा ने की पोते की तारीफ
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे 2.21 मिनट के वीडियो में जुगराज के दादा अपने पोते की जमकर तारीफ करते हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी लाल किले पर खालसा का विजय ध्वज लहराया गया था, लेकिन 2021 में उनके पोते ने फिर से वो विजय ध्वज लहरा दिया। अब मीडिया इस 'योद्धा' (जुगराज) के घर धावा बोलेगी। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक तरनतारन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वो इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि क्या ये वही शख्स है या नहीं। साथ ही ये भी पता लगाया जा रहा है कि क्या जुगराज के ऊपर पहले से तो कोई केस नहीं दर्ज।

क्या है निशान साहिब?
लाल किले पर जब प्रदर्शनकारियों ने ध्वज फहराया तो अफवाह उड़ी कि वो खालिस्तान का झंडा है, लेकिन बाद में सच्चाई सामने आई कि वो ध्वज सिख धर्म का पवित्र निशान साहिब (Nishan Sahib) था। निशान साहिब एक त्रिकोणीय ध्वज है, जो कपास या रेशम के कपड़े का बना होता है। इसके सिरे पर एक रेशम की लटकन होती है। साथ ही झंडे के केंद्र में एक खंडा चिह्न भी होता है। सिख धर्म की परंपरा के मुताबिक हर गुरुद्वारे के बाहर 'निशान साहिब' को लगाया जाता है।












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