विपक्ष ने भी चुनावी वादे में किया था कृषि कानून को शामिल, अब कर रहे विरोध: निर्मला सीतारमण
Farmers Protest Latest News: मोदी सरकार संसद के मानसून सत्र में तीन नए कृषि कानून लेकर आई थी। पहले तो इसको लेकर संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ। इसके बाद पंजाब और हरियाणा के किसान इस कानून के खिलाफ सड़कों पर उतर आए। जिसको सभी विपक्षी दलों का समर्थन प्राप्त है। मोदी सरकार ने किसान नेताओं से कई दौर की वार्ता की, लेकिन बात नहीं बनी। इस बीच शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किसान आंदोलन को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। साथ ही राहुल गांधी से भी सवाल पूछा।

वित्त मंत्री निर्मला सीमारमण के मुताबिक 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान विपक्षी दलों के घोषणा पत्र में नए कृषि कानून लाने का वादा किया गया था, ताकी किसानों को राहत मिल सके। मौजूदा वक्त में जो कानून आया है, वो विपक्ष का ना होकर पीएम मोदी का है। ऐसे में वो उसे स्वीकार नहीं कर रहे हैं। साथ ही किसानों को आगे करके उसका विरोध करवा रहे।
वहीं उन्होंने किसान आंदोलन को लेकर राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। वित्त मंत्री ने कहा कि मैं राहुल गांधी से ये पूछना चाहूंगी कि क्या कांग्रेस ने अपने 2019 के घोषणा पत्र में किसानों के हित की बात करते हुए इस बिल को शामिल नहीं किया था। उनको इस बात से दिक्कत है कि ये बिल मोदी सरकार लेकर आई है। उन्होंने फिर से साफ किया कि मोदी सरकार उन सभी लोगों से बातचीत के लिए तैयार है, जिनके मन में इस बिल को लेकर गलतफहमी है।
सिंघु बॉर्डर पर हटे किसान
पिछले एक महीने से किसानों का आंदोलन जारी है। पंजाब-हरियाणा के किसानों ने दिल्ली कूच किया था, लेकिन उन्हें रामलीला मैदान और संसद भवन के पास प्रदर्शन की इजाजत नहीं मिली। ऐसे में उन्होंने सिंघु बॉर्डर, चिल्ली बॉर्डर समेत दिल्ली की तमाम सीमाओं पर मोर्चा संभाल रखा है। किसानों ने साफ कर दिया है कि वो एक साल का राशन लेकर आए हैं, ऐसे में जब तक सरकार उनकी मांगे नहीं मानती, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।












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