लोकसभा में पेश कृषि बिलों को वापस नहीं लेगी मोदी सरकार, आज संसद के पास प्रदर्शन करेंगे किसान
नई दिल्ली: मोदी सरकार ने लोकसभा में पेश तीन कृषि क्षेत्र से जुड़े बिलों को वापस लेने से इनकार कर दिया है। जिस वजह से अब किसानों ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। साथ ही आज दिल्ली में संसद के पास प्रदर्शन का फैसला लिया है। इससे पहले मंगलवार को केंद्रीय कृषि मंत्री ने प्रदर्शन से जुड़े कुछ नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया था, लेकिन बात नहीं बनी। हालांकि हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष ने कुछ प्रतिनिधियों के साथ कृषि मंत्री को ज्ञापन सौंपा है।

भारतीय किसान यूनियन (BKU) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चारुनी ने उन खबरों का खंडन किया है, जिसमें कहा गया था कि उनके साथ विरोध कर रहे 17 किसानों यूनियनों में दरार पड़ गई है। उन्होंने दावा किया कि ना केवल हरियाणा बल्कि पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के विभिन्न संगठन संसद के पास धरना देंगे। इससे पहले मंगलवार को चारुनी समेत कई किसान नेताओं को बीजेपी सांसद धर्मबीर सिंह और केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मिलने के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन बात नहीं बनी।
वहीं दूसरी ओर हरियाणा बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष धनखड़ ने राज्य के कृषि मंत्री और किसानों के एक प्रतिनिधि मंडल के साथ नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की। मुलाकात के बाद धनखड़ ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें कृषि अध्यादेशों के संबंध में आठ सुझाव दिए गए हैं। इस मुलाकात पर गुरनाम सिंह चारुनी ने कहा कि जिन लोगों ने केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात की, वो हरियाणा के मौजूदा आंदोलन में शामिल ही नहीं हैं। ऐसे में कैसे वो किसानों के हित की बात रख सकते हैं।
हरियाणा में प्रदर्शन जारी
आपको बता दें कि कृषि अध्यादेशों को लेकर हरियाणा के विभिन्न हिस्सों में किसानों का प्रदर्शन जारी है। मंगलवार को जींद, हिसार, भिवानी समेत कई जिलों में किसानों ने प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं किसानों को कांग्रेस का भी साथ मिल रहा है। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष कुमारी सैलजा के मुताबिक किसानों के लिए मोदी सरकार की नीतियां गलत हैं, जिस वजह से उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।












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