Farmers Protest: लंबा चलने वाला है किसान आंदोलन, सिंघु बॉर्डर पर बन रहे पक्के मकान, लगेंगे AC
दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में किसानों का आंदोलन पिछले 108 दिनों से जारी है। किसान केंद्र सरकार की ओर से लागू किए गए कृषि कानून के विरोध में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर कानून बनाने की मांग पर अड़े हुए हैं। किसानों के इस आंदोलन को हालांकि विपक्ष का भी समर्थन मिला हुआ है, लेकिन अभी तक किसी तरह के नतीजे पर नहीं पहुंचा है। सरकार जहां इस कानून को किसानों के पक्ष ने ऐतिहासिक बता रही है। वहीं किसान संगठनों ने इसे किसानों के खिलाफ काला कानून करार दिया है। इन सब के बीच एक बात तो तय हो गई है कि ये आंदोलन अब लंबा चलेगा। यह इसलिए कि किसानों ने सिंघु बॉर्डर पर अब पक्के मकान बनाना शुरू कर दिए हैं।
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किसान आंदोलन की लंबी तैयारी
दिल्ली की सिंधु बॉर्डर पर जारी पक्के मकानों का काम इस बात की पुष्टि कर रहा है कि अब ये आंदोलन लंबा चलेगा। प्रदर्शनकारी किसानों के लिए बनाए जा रहे इन पक्के मकानों की फोटो अब सामने आ गई है, जहां किसान धूप और बारिश से बचकर अपने आंदोलन में डटकर खड़े रहेंगे और सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर सकेंगे। किसान संगठन की ओर से यहां निर्माण कार्य की सारी चीजें मुहैया कराई जा रही है।

टैंट और ट्रैक्टर की ट्रॉलियों नहीं अब बन रहे पक्के घर
सरकार के कृषि कानून की खिलाफत करते हुए किसान संगठनों ने 26 नवंबर 2020 को आंदोलन का आगाज किया था, जो अब तक 108 दिन पूरे हो चुके हैं। हालांकि इस दौरान किसान नेताओं और सरकार के मंत्रियों के बीच 12 दौर की वार्ता भी हुई, लेकिन सब की सब बेनतीजा रही। जहां पहले किसान टैंट और ट्रैक्टर की ट्रॉलियों में गुजर-बसर कर रहे थे। अब उन्होंने पक्क मकानों की तैयारी कर ली है। दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर इलाकों पर सीमेंट, बजरी और ईंटों से स्थानी आवास का काम चल रहा है, जिससे आने वाले वक्त में दिल्ली की गर्मी में किसान के सिर पर छत की व्यवस्था हो सकें।

बुजुर्गों और महिलाओं के लिए लगेंगे एसी
भारतीय किसान यूनियन (दोआबा) के अध्यक्ष जीत सिंह राय के मुताबिक किसानों को गर्मी से बचाने के लिए विरोध स्थल पर घर बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बुजुर्गों और महिलाओं के लिए इन कमरों में एसी लगाए जाएंगे। साथ ही उन्होंने बताया कि स्थानीय एसएचओ ने उच्च अधिकारियों के दबाव में आकर कल निर्माण कार्य को रोकने की भी कोशिश की। किसान नेताओं की मानें तो हाईवे पर पक्के निर्माण कर किसान नेताओं ने ऐलान कर दिया है कि यहां प्लॉट बनाकर ज्यादा से ज्यादा पक्के निर्माण किए जाएंगे।

आर-पार की लड़ाई के मूड में किसान संगठन
आपको बता दें कि सरकार के खिलाफ किसान नेता आर-पार की लड़ाई के मूड में है। किसान नेताओं ने पहले ही साफ कर दिया था कि जब तक कृषि कानून रद्द नहीं होगा, वो धरना प्रदर्शन जारी रखेंगे। इसके अलावा किसान नेता देशभर में किसान महापंचायत का आयोजन भी कर रहे है, जिससे किसानों को एकजुट कर सके। हालांकि सरकार भी किसानों से दोबारा वार्ता के लिए कई बार कह चुकी हैं, लेकिन संगठन कृषि कानून को रद्द करने और एमएसपी पर कानून बनाने की मांग पर अड़ा हुआ है।












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