ट्रैक्टर रैली के दौरान हिंसक प्रदर्शन के बाद अमेरिकी दूतावास ने अपने अधिकारियों से घर पर रहने की अपील की
नई दिल्ली। देशभर में आज 72वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है। वहीं, कृषि कानून के खिलाफ पिछले दो महीनों से आंदोलन कर रहे किसान दिल्ली में ट्रैक्टर रैली निकाली। इस दौरान कई जगहों पर हिंसक झड़प हुआ। सिंघु, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर किसान पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर दिल्ली की सीमा में दाखिल हो गए। इस दौरान कई पुलिसवालों और मीडियाकर्मियों को चोटें आई।

इस बीच दिल्ली में उपद्रवियों द्वारा हिंसक प्रदर्शन के बीच अमेरिकी दूतावास ने अपने सभी अधिकारियों से घर पर रहते हुए सावधानी बरतने को कहा है।किसानों के हंगामे के बाद दिल्ली के पांच इलाकों में इंटरनेट बंद कर दिया है। इसके साथ ही दिल्ली और सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती के आदेश गृहमंत्रालय की तरफ से दिए गए हैं।
ऐसे हालात में भारत में अमेरिकी दूतावास ने अपने सरकारी कर्मयारियों के लिए एक तरह से एडवाइजरी जारी की है।किसानों का ट्रैक्टर परेड हिंसक होने के बाद शांति स्थापित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केन्द्र सरकार ने मंगलवार को दिल्ली में और संख्या में अर्द्धसैनिक बलों को तैनात करने का फैसला लिया है। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में केन्द्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, दिल्ली पुलिस के आयुक्त एस. एन. श्रीवास्तव सहित अन्य लोगों ने हिस्सा लिया।
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त संख्या में अर्द्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। कितनी संख्या में अर्द्धसैनिक बलों को तैनात किया जा रहा है कि इसकी पुख्ता जानकारी नहीं है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि 15-20 कंपनियां (1,500 से 2,000 कर्मी) तैनात की जाएंगी।












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