India China face off: वो मौके, जब चीन की PLA पर भारी पड़ी हिंद की सेना
अरुणाचल प्रदेश के तवांग की सीमा में घुसी चीनी सेना को भारतीय सेना से संघर्ष हुआ इस झड़प में भारतीय सेना ने चीनी सेना को धूल चटाई,इससे पहले भी कई मौके आए जब इसी तरह Indian Army ने चीन को दिया मुंहतोड़ जवाब दिया था।

India China face off:भारत और चीनी सेना एक बार फिर आमने- सामने आ गई, हालांकि भारतीय सेना ने चीनी सेना PLA मुंहतोड़ जवाब दिया है। दरअसल, 9 दिसंबर 2022 को, लगभग 300 PLA के सैनिकों ने अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC)को क्रास करने की कोशिश की। इस झड़प में चीनी सेना और भरतीय सेना के सैनिक आमने- सामने आ गए। भारतीय सैनिकों ने जमकर मुकाबला किया और चीनी सैनिकों को धूल चटाई। हालांकि इस घटना में कई भारतीय सैनिकों के अलावा चीनी सैनिकों के घायल होने की सूचना है।
अरुणाचल प्रदेश के तवांग में हुए फेसऑफ की इस घटना ने दिल दहला देने वाली लद्दाख के गलवान की घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई खूनी झड़प की यादें जाता कर दी हैं। ये पहला मौका नहीं है जब भारत ने ड्रैगन ने घुसपैठ की है और भारतीय सेना उसे धूल चटाई है।
1962 का युद्ध सीमा को लेकर ही हुआ था
याद रहे भारत और चाइना के बीच 1962 का युद्ध मूल रूप से सीमा को लेकर हुआ था। औपचारिक सीमांकन नहीं हुआ है और सीमा रेखा परसेप्शन पर आधारित है इसलिए सीमा रेखा की सही स्थिति को लेकर आज तक दोनों पक्षों में मतभेद जारी है। वहीं पिछले दो सालों से चीन कई बार घुसपैठ कर चुका है। कोरोना से जब दुनिया जूझ रही तभी चीन ने गालवाल, तवांग के अलावा अन्य सीमाओं से घुसपैठ की।
15 जून 2020 को गलवान घाटी में खूनी संघर्ष
5 मई 2020 को चीनी सेना ने लद्दाख के पैंगॉन्स लेक में घुसपैठ की जब भारतीय सेना से झड़प हुई और मुंह तोड़ जवाब इंडियन आर्मी ने दी थी। इसके बाद चीनी सेना शांत नहीं बैठी और 15 जून 2020 को गलवान घाटी में लगभग 45 साल बाद पहली बार भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच पहली हिंसक झड़प हुई। जिसमें चीनी सेना के साथ हुए हिंसक झडप में भारतीय सेना के कर्नल समेत 20 सैनिक शहीद हो गए थे। वहीं कई चीनी सेना के सैनिकों को भारतीय सेना ने मार गिराया था। भारत-चीन सीमा पर पिछले 4 दशकों में हुए सबसे गंभीर संघर्ष बताया गया था।
अक्टूबर 2021
अक्टूबर 2021 में अरुणाचल प्रदेश के यांगत्से के नजदीक तवांग सेक्टर में इलाके में चीनी सेना ने वास्तविक नियंत्रण रेखा क्रास करके भारतीय सीमा में घुसी थी तब भी ऐसे ही भारतीय सैनिकों ने चीन के लगभग 300 सैनिकों को रोका था।
डोकराम संकट
पीएलए सैनिकों ने एलएसी के एक तरफ लगभग 4 हजार किमी तक भातर के विभिन्न क्षेत्रों में घुसपैठ की थी और धीरे- धीरे आगे बढ़ता गया। 18 जून 2017 को ये लड़ाई जब बढ़ गई जब चीनी सेना के इंजीनियरों ने डोकलाम पठार के माध्यम से एक सड़क निर्माण शुरू किया तब भारतीय सेना लगभग 300 सैनिक बुलडोज़र्स के साथ भारत-चीन सीमा पर चीन के सड़क निर्माण को रोक लिया। भारत ने दावा किया कि भूटान और चीन के बीच में और कोई सड़क नहीं बन सकती। इस सड़क के बनने से दोनों देशों में सैन्य गतिरोध शुरू हआ। 2017 में 73 दिनों तक भारतीय सैनिकों को भूटान और चीन (तिब्बत) के बीच हिमालयी ट्राइजंक्शन के एक दूर सुदूर क्षेत्र में चीनी सेना से संघर्ष किया और भारतीय सेना ने चीनी सेना को धूल चटाई












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