आतंकवाद से मिलकर लड़ेंगे भारत-अमेरिका, बनेगा टेररिस्ट स्क्रीनिंग सेंटर
नयी दिल्ली। आतंकवाद के बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत और अमेरिका ने एक साथ कदम उठाया है। भारत सरकार और अमेरिकी सरकार की आधिकारिक एजेंसियों के बीच आज आतंकवादी जांच सूचना के आदान-प्रदान (exchange of terrorist screening information) से संबंधित एक व्यवस्था पर हस्ताक्षर किया गया है। इस व्यवस्था पर केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि और भारत में अमेरिका के राजूदत रिचर्ड वर्मा ने हस्ताक्षर किए। ISI की मदद से पठानकोट जैसे आतंकी हमले कर सकता है जैश ए मोहम्मद

इसके अलावा जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक पीएम मोदी अब कुछ दिनों बाद अमेरिका के लिए रवाना होंगे। इसके अलावा जुलाई के पहले सप्ताह में गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी अमेरिका जाएंगे, जहां पर रियल टाइम टेररिस्ट स्क्रीनिंग सेंटर के बारे में विस्तृत चर्चा होगी। जानकारी ये भी है कि वहां मोस्टवांटेड आतंकवादियों के लिस्ट भी लिया और दिया जाएगा।
कैसे काम करेगा टेरर स्क्रीनिंग सेंटर
- रियल टाइम आतंकी साजिशों की मिलेगी सूचना।
- भारत और अमेरिका के बीच मल्टी एजेंसी सेंटर के बीच होगा हॉट लाइन संपर्क।
- हॉट लाइन के जरिए आतंकियों और उनकी फंडिंग रोकने के लिए तुरंत दी जाएगी जानकारी।
- मोस्टवांटेड आतंकियों की लिस्ट, उनसे संबंधित डॉजियर की पूरी जानकारी भी साझा होगी।
- आईएसआईएस की गतिविधियों पर भी नजर रखेंगी दोनों देशों की एजेंसियां।
- भारत अमेरिका के साथ शामिल होकर अब 30 देशों के उस पूल में शामिल हो गया है जो पहले से आतंकियों की गतिविधियों को लेकर रियल टाइम जानकारी शेयर करते हैं।












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