अपने सारे पैसे किए खर्च, स्वतंत्रता दिवस पर गांव वालों को दिया खास तोहफा
वाराणसी। आर्मी से रिटायर हुए एक व्यक्ति ने बीते स्वतंत्रता दिवस पर अपने गांव वालों को जो तोहफा दिया है, उससे उनकी जिंदगी काफी आसान हो जाएगी। वाराणसी के हीरामपुर में रहने वाले भग्गुराम मौर्या ने रिटायरमेंट के बाद मिले पैसों से एक किलोमीटर सड़क बनवाई और फिर उसे तोहफे में अपने गांव वालों को दे दिया।

भग्गुराम 1978 में आर्मी में भर्ती हुए थे और 2012 में रिटायर हुए। रिटायरमेंट के बाद उन्होंने ठानी कि उन्हें गांव वालों की समस्याओं का समाधान करने के लिए बाबतपुर-राजातालाब गांव को जोड़ने वाली एक सड़क का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि सड़क न होने की वजह से गांव वालों को बहुत सी परेशानियों को सामना करना पड़ता था, इसी के चलते उन्होंने सड़क बनाने का फैसला किया।
आपको बता दें कि आर्मी में देश की सेवा करते हुए उन्होंने 2002 में तत्कालीन राष्ट्रपति अब्दुल कलाम और फिर 2012 में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के हाथों मेडल प्राप्त किया। शुरू में तो गांव वालों ने सड़क बनाने का विरोध किया, क्योंकि भग्गुराम उनकी जमीन से थोड़ा-थोड़ा हिस्सा छोड़ने को कह रहे थे।

बाद में उन्होंने गांव वालों को समझाया कि सड़क बनने से न केवल हमारा गांव लिंक रोड से जुड़ जाएगा, बल्कि सुबह-सुबह गांव वाले सड़क पर टहलेंगे और इससे उनका स्वास्थ्य ठीक रहेगा। काफी समझाने बुझाने के बाद आखिरकार भग्गुराम को उन्हें मनाने में सफलता मिल गई और फिर सड़क बनाने काम शुरू कर दिया गया।
इस सड़क को बनवाने में भग्गुराम मौर्या ने करीब 4 लाख रुपए खर्च किए। अब उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि इस सड़क पर इंटरलॉकिंग टाइल लगा दी जाएं, ताकि लोगों को आने जाने में आसानी हो सके। भग्गुराम का साथ देते हुए कुछ स्थानीय लोगों ने गांव की पंचायत से भी इस बारे में बात की है।
मौर्या कहते हैं- मेरे पास अब पैसे नहीं बचे हैं, वरना मैं खुद ही इंटरलॉकिंग टाइल खरीदकर सड़क पर लगवा देता। मैं लोक निर्माण विभाग के सुरेन्द्र पटेल से आग्रह करता हूं कि वह इंटरलॉकिंग टाइल की व्यवस्था करें। मुझे उम्मीद है कि वह हमें मदद मुहैया कराएंगे।












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