Prakash Singh Badal के निधन पर दो दिनों का राष्ट्रीय शोक, तिरंगा आधा झुकाया जाएगा
96 साल के Prakash Singh Badal पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के संरक्षक थे। बादल के निधन पर केंद्र सरकार ने दो दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है।

Ex Punjab CM Prakash Singh Badal अब इस दुनिया में नहीं हैं। लंबे समय से सेहत सबंधी परेशानी से जूझ रहे बादल ने मोहाली में 96 साल की आयु में अंतिम सांस ली। बादल के निधन पर पीएम मोदी समेत तमाम सियासी लोगों ने शोक जताया है।
सबसे युवा मुख्यमंत्री बादल
बादल के निधन के बाद केंद्र सरकार ने Two Day National Mourning का ऐलान किया है। बता दें कि बादल पांच बार मुख्यमंत्री रहने के अलावा पंजाब के सबसे युवा मुख्यमंत्री भी रह चुके थे।
राष्ट्र ध्वज झुकाने के नियम
राष्ट्रीय शोक के तहत देशभर की सरकारी इमारतों पर तिरंगे को आधा झुकाया जाएगा। राष्ट्र ध्वज को झुकाने के नियमों में बताया गया है कि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत कई अन्य संवैधानिक हस्तियों के निधन पर राष्ट्र ध्वज झुकाया जाता है।
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MHA का आदेश
गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "भारत सरकार ने फैसला किया है कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के संरक्षक प्रकाश सिंह बादल के निधन पर 26 और 27 अप्रैल को पूरे देश में राजकीय शोक रहेगा।"
किन गतिविधियों पर पाबंदी
बादल के निधन के बाद गृह मंत्रालय (MHA) ने कहा, "शोक के दिन जिन भवनों में राष्ट्रीय ध्वज नियमित रूप से फहराया जाता है, उन सभी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और इन दो दिनों में कोई आधिकारिक मनोरंजन नहीं होगा।"
चार दिनों तक चली जिंदगी मौत की लड़ाई
बता दें कि बादल को 21 अप्रैल को मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी सेहत के बारे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने फोन पर जानकारी ली थी। शिरोमणी अकाली दल कभी बीजेपी की सहयोगी थी।

AAP नेता से हारे पहला और आखिरी चुनाव
चार दिनों तक जिंदगी-मौत से जूझने के बाद वयोवृद्ध राजनेता ने मंगलवार रात करीब 9 बजे अंतिम सांस ली। शिरोमणी अकाली दल के संरक्षक प्रकाश सिंह बादल को जीवन के अंतिम इलेक्शन में युवा AAP नेता ने करारी मात दी थी।
1947 में राजनीतिक सफर की शुरुआत
96 साल के प्रकाश सिंह बादल पंजाब की राजनीति में जमीनी स्तर से शुरुआत के बाद सीएम के शीर्ष पद तक पहुंचे। सरपंच का चुनाव जीतने के बाद केवल 20 साल की आयु में आजाद भारत में 1947 में सियासी सफर शुरू हुआ।
10 बार विधानसभा चुनाव जीता
1957 में पहली बार बतौर MLA पंजाब विधानसभा पहुंचे प्रकाश सिंह बादल रिकॉर्ड पांच बार पंजाब के सीएम रहे। 10 बार विधानसभा चुनाव जीतने वाले बादल पहली बार 1970 में CM बने। 20 साल बाद 1997 में फिर सीएम बने। अंतिम बार 2012 में मुख्यमंत्री बने।
31 साल पहले चुनाव का बायकॉट भी किया
1957 से 1969 के बीच लगातार पंजाब विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए प्रकाश सिंह बादल 1992 में चुनाव का बहिष्कार करने के कारण सुर्खियों में रहे। 2022 में बादल ने जीवन के अंतिम विधानसभा चुनाव में लांबी विधानसभा सीट से नामांकन भरा।
36 साल जूनियर नेता से हार गए बादल
हालांकि, लांबी से बादल को पहली बार करारी हार का मुंह देखना पड़ा। 26 जुलाई, 2021 को कांग्रेस छोड़ने वाले गुरमीत सिंह खुडियन ने 30 से अधिक साल का संबंध तोड़ा। आम आदमी पार्टी में शामिल होने के बाद 59 साल के खुडियन ने बादल को पटखनी दी।












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