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बिहार पर दिए बयान पर काटजू ने मांगी माफी, कहा- मैंने सिर्फ मजाक किया था

नई दिल्ली। विवादित बयानों के कारण सुर्खियों में रहने वाले सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश मार्कण्डेय काटजू ने आखिरकार बिहार पर दिए अपने बयान पर माफी मांग ली है।

KATJU

बुधवार रात काटजू ने सोशल मीडिया पर माफी मांगी और कहा कि मेरा मकसद किसी को आहत करना नहीं था, मैं मजाक कर रहा था।

काटजू ने लिखा है कि मैंने बिहार के संबंध में सिर्फ मजाक किया था, लेकिन ऐसा लग रहा है कि कई लोगों ने इसका कुछ और अर्थ निकाल लिया। अगर मेरी वजह से कोई आहत हुआ है तो मैं इसके लिए माफी मांगता हूं।'

काटजू ने लिखा है कि बिहार ने गौतम बुद्ध, चंद्रगुप्त मौर्य डॉ राजेंद्र प्रसाद सरीखे लोग दिए हैं।

राष्ट्रद्रोह का मामला

इससे पहले जनता दल यूनाइटेड के नेता ने उनके खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। काटजू के खिलाफ मानहानि और देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया है।

उनके खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 124 ए , 500 ,501 और 505 के आरोपों के तहत दाखिल किया है। मुकदमे पर सुनवाई आज बृहस्पतिवार को होगी।

गौरतलब है कि काटजू ने बीते रविवार (25 सितबंर) दो फेसबुक पोस्ट की थी, जिस पर सारा विवादा शुरू हुआ था। काटजू ने पाकिस्‍तान को सुझाव दिया था कि उन्‍हें कश्‍मीर मिल सकता है लेकिन साथ में बिहार भी लेना पड़ेगा।

ये लिखा था काटजू ने

बिहार को बतौर पैकेज पेश करते हुए काटजू ने पोस्‍ट में लिखा था कि अगर कश्‍मीर चाहिए तो पैकेज के साथ लेना पड़ेगा वरना कुछ नहीं मिलेगा। उन्‍होंने पाकिस्‍तान से सवाल पूछने के अंदाज में लिखा है कि 'डील मंजूर है'?

काटजू ने अपने दूसरे फेसबुक पोस्‍ट में लिखा था कि जब परवेज मुशर्रफ आगरा आए थे तो तत्‍कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भी उन्‍हे ये ऑफर दिया था। मुशर्रफ ने मना कर दिया था।

इससे पहले बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन पर भी काटजू ने टिप्पणी की थी।

अमिताभ पर की थी यह टिप्पणी

काटजू ने कहा था कि कार्ल मार्क्स ने धर्म को नशा बताया था लेकिन धर्म के साथ-साथ भारत में फिल्म, टीवी और मीडिया भी जनता के लिए नशे की तरह ही हैं।

काटजू ने लिखा था कि इन सब का ध्यान सत्ता में बैठे लोग जनता का ध्यान असल मुद्दों से भटकाने के लिए करते हैं।

लिखा था कि अमिताभ की फिल्में भी देव आनंद और राजेश खन्ना की फिल्मों की तरह सत्ता में बैठे लोगों के काम आते हैं। इन फिल्मों से लोगों का ध्यान असल मुद्दों से भटकता है।

काटजू ने लिखा था कि वक्त-वक्त पर अमिताभ बच्चन सोशल मीडिया और टीवी पर अच्छी बातें करते और कई तरह के उपदेश देते नजर आते हैं। कई बार ये सब बड़ा अच्छा नजर आता है लेकिन पैसा मिलेगा तो कौन अच्छी बातें नहीं करेगा।

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