जम्मू-कश्मीर का जायजा लेने आये यूरोपीय सांसदों ने कहा- हमें 'नाजी लवर्स' कहना गलत
नई दिल्ली। मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर पहुंचे यूरोपीय सांसदों की टीम ने अपने उपर लगाए जा रहे नाजीवादी समर्थक होने के आरोपों पर सफाई दी है। एक प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने बताया की उनके कश्मीर दौरे को गलत तरह से देखा जा रहा है वह नाजीवादी समर्थक नहीं हैं, वह आतंकवाद के खिलाफ हैं और भारतीय सेना से उन्होंने इस मुद्दे पर बात भी की है। मालूम हो कि, यूरोपीय सांसदों के 23 सदस्यों की टीम कश्मीर का जायजा लने भारत पहुंची है मंगलवार को वह श्रीनगर पहुंचे और वहां के स्थानीय लोगों से बात की।

बता दें, भारत दौरे पर आये यूरोपीय सांसदों पर विपक्ष ने हमला बोला है, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने आरोप लगाया कि भारतीय सांसदों को रोकना और विदेशी सांसदों को कश्मीर जाने की अनुमति देना यह कैसा राष्ट्रवाद है। इसके अलावा एआईएमआईएम के अध्यक्ष और सांसद असदुद्धीन ओवैसी ने यूरोपीय सांसदों के मुस्लिम विरोधी और नाजी समर्थक बता दिया। अपने उपर लगे इन आरोपों को खारिज करते हुए यूरोपीस सांसदो ने कहा कि, वह 'मुस्लिम विरोधी' नहीं है और न ही नाजी विचारधारा का समर्थन करते हैं। 23 सदस्यों की टीम में शामिल लार्स पैट्रिक बर्ग ने कहा कि इस शिष्टमंडल को मुस्लिम विरोधी कहना गलत है।
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'मुस्लिमों से नफरत करने वाले' नाजी नहीं हैं यूरोपीय सांसद
मीडिया से रूबरू होते हुए लार्स पैट्रिक बर्ग ने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स हमें 'मुस्लिम विरोधी' दक्षिणपंथी बोल रहे हैं जबकि ऐसा नहीं है। यूरोपीय सांसद के कंजर्वेटिव समूह का कोई भी सदस्य मुस्लिमों से नफरत करने वाले नाजी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि टीम जम्मू-कश्मीर के तथ्यों को देखने आई है, हमने राज्य में आतंवाद पर भी भारतीय सेना से बात की है। भारत एक शांतिप्रिय देश है और आतंवाद के खिलाफ लड़ाई में यूरोप हमेशा भारत के साथ खड़ा रहा है। एक सवाल में उनसे पूछा गया कि क्या वह कश्मीर दौरे की रिपोर्ट को यूरोपीस संसद में जमा करेंगे तो उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया ।












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