संजय दत्त ने परिवार के साथ मीडिया से की भावुक अपील
मुंबई। अभी मैं जाऊं...मेरी छोटी सी गुजारिश है कि मैं आतंकवादी नहीं हूं, मैं टाडा कोर्ड से बाइज्जत बरी हुआ हूं। मैं आर्म्स एक्ट में आरोपी था और उसकी सजा काट चुका हूं। ऐसे में जब भी आप मेरे बारे में कुछ बोले तो 1993 के बम धमाकों में मेरा जिक्र नहीं करे। पुणे की यरवदा जेल से बाहर आने के बाद प्रेस कांफ्रेंस खत्म करने से पहले संजय दत्त ने मीडिया से यह गुजारिश की।
परिवार के साथ संजय दत्त ने की मीडिया से भावुक अपील
ऑर्म्स एक्ट में सजा काटने के बाद आज जेल से रिहा हुए संजय अपने पूरे परिवार के साथ मीडिया के सामने आये। इस दौरान वह अपने दो बच्चों और पत्नी मान्यता के साथ सामने आये और इस दौरान उन्होंने अपने जेल के भीतर के अनुभव से लेकर सभी अनुभवों को लोगों के बीच साझा किया
संजय दत्त....
23 साल से जिसके लिए मैं तरस रहा था वह आजादी है और वह दिन आज आ गया है। अब वो फीलिंग पैरोल वाली ही लग रही है और यह थोड़े दिन लगेगा। लेकिन खुद को यह समझा पाना कि अब मैं आजाद हूं थोड़ा बेहतर है। अगर मेरे पिता होते तो बहुत खुश होते, उनकी एक लड़ाई थी वह थी मुझे आजाद कराना।
इसी धरती पर पैदा हुआ यहीं मरुंगा
ये धरती मां मेरी मां है मैं इसे प्यार करता हूं यहीं पैदा हुआ हूं यहीं मरुंगा। इसीलिए मैंने अपनी सजा काटी है इसीलिए मैंने तिरंगे को सलाम किया और जमीन को चूमा। मेरे दिमाग में यह चल रहा था कि मेरी मां मुझे छोटा छोड़ कर चली गयी थी ऐसे में यह मेरा फर्ज था कि मैं जाकर कहूं कि मां मैं आजाद हो गया हूं। सेलेब्रिटी होने की वजह से मुझे कई चीजें नहीं करने दी गयी।
मैंने चार दिनों से कुछ नहीं खाया है
मैंने चार दिन से कुछ खाया नहीं है और ना ही कल रात से सोया नहीं हूं। मेरे दिमाग में यही चल रहा था कि अब मैं परिवार के साथ रहुगा अब कभी वापस जेल नहीं जाउंगा यही सोचकर सो नहीं सका। मान्यता मेरी बेस्ट हाफ हैं बेटर नही, मैं कभी-कभी कमजोर हो जाता हूं लेकिन मान्यता मुझे फिर से खड़ा कर देती है। जितनी तकलीफ मान्यता की थी उससे कम मेरी थी। जेल के भीतर मुझे रोटी-दाल मिल जाती थी लेकिन मान्यता के लिए दो बच्चों को संभालना अकेले मुश्किल होता है। मुझे जेल के अंदर बतौर मेहनताना जो रुपए मिले उसे मैंने मान्यता को एक अच्छे पति की तरह दिया है।
परिवार के साथ संजय दत्त ने की मीडिया से भावुक अपील
मेरी बायोपिक का शाइनिंग अमाउंट नहीं मिला
शूटिंग के लिए मुझे शाइनिंग अमाउंट नहीं दिया गया। आजाद आदमी की तरह पर मैं अपने बच्चों और परिवार के साथ समय बिताना चाहता हूं और अपने काम को फिर से शुरु करना चाहता हूं। जेल के भीतर मैंने पेपर का काम किया है मै पेपर बैग बना सकता हूं। जेल के भीतर जेल डिपार्टमेंट ने तय किया था कि एक निश्चित समय में जेल में गाने बजेंगे। 11 बजे से लेकर 4 बजे तक हम रेडियो बजाते हैं। सुधारना और पुनर्वसन के बारे मे बात करते हैं। मैंने अपने अनुभव और कैरियर के बारे में बात की।
सलमान मेरा छोटा भाई है
सलमान मेरा छोटा भाई है और हमेशा रहेगा मै उसके लिए हमेशा प्रार्थना करुंगा कि वह इससे बड़ा स्टार बने। जेल के सभी अधिकारियों ने बहुत इज्जत दी और उन्होंने मेरा बहुत खयाल रखा। जेल कर्मियों का काम सेना से भी मुश्किल काम होता है। जेल के भीतर गोटिया मामा, नरेंद्र भाई जैसे कई दोस्त बने वह मेरे लिए काफी बढ़कर हैं। घूमने जाने के जवाब में संजय बोले यह तो बॉस(मान्यता) से पूछना पड़ेगा क्योंकि पैसे तो वो ही कमा रही हैं। ऐसे में उन्हीं से पूछना पड़ेगा।
बेटी मेरी धड़कन है
अपनी पहली पत्नी से हुई बेटी त्रिशाला के बारे में पूछे जाने पर संजय दत्त ने कहा कि वह मेरी धड़कन हैं, अभी वहां रात है बात में मैं कॉल कर लुंगा। उन्होंने कहा कि वह भारत आने वाली है।












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