चुनाव आयोग ने छापेमारी को लेकर राजस्व विभाग सचिव और सीबीडीटी चेयरमैन को बुलाया
नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने राजस्व सचिव और सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस बोर्ड के चेयरमैन को मंगलवार को बैठक के लिए बुलाया है। जानकारी के मुताबिक बैठक शुरू भी हो गई है। चुनाव आयोग ने इन अधिकारियों के विपक्ष के उस आरोप के बाद बुलाया है जिसमें कहा गया था कि आयकर विभाग मोदी सरकार के इशारों पर छापेमारी कर रही है। हालांकि चुनाव आयोग ने रविवार को वित्त मंत्रालय को सलाह देते हुए कहा कि प्रवर्तन एंजेसी गैर भेदभावपूर्ण तरीके से काम करे।

इसके अलावा चुनाव आयोग ने प्रवर्तन एजेंसियों से कहा है कि आप जो भी कार्रवाई करे उसकी जानकारी पोल पैनल के अधिकारियों को भी होनी चाहिए। बता दें कि चुनाव आयोग की सलाह मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ और उनके सहयोगियों के कई ठिकानों पर हुई आयकर विभाग की छापेमारी के बाद दिया है। बता दें कि मीडिया रिपोर्ट के मु्ताबिक आयकर विभाग ने रविवार देर रात मध्य प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी।
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लोकसभा चुनाव के ऐलान के बाद 10 मार्च को आर्दश आचार संहिता लागू होने के बाद से I-T विभाग ने राजनीतिक नेताओं और उनके सहयोगियों के यहां कई छापेमारी कर चुकी है। छापेमारी के विपक्ष ने चुनाव आयोग से कहा कि चुनावी सीजन में सरकार केंद्रीय एजेंसियों की दुरुपयोग कर रही है। आयकर विभाग ने सोमवार को कहा कि उसने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके करीबियों के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान लगभग 281 करोड़ करुपए की बेहिसाब नकदी मिली है और एक व्यापक और सुव्यवस्थित रैकेट का पता भी चला है।
आयकर विभाग ने कहा है कि मध्य प्रदेश और दिल्ली के बीच 14.6 करोड़ रुपए की नकदी और कुछ संदिग्ध भुगतानों का पता चला है। इसके अलावा कई डायरी, कम्यूटर फाइलें बरामद की गई है। वहीं केद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कहा कि विभाग ने तुगलक रोड पर रहने वाले एक महत्वपूर्ण व्यक्ति के घर से कथित तौर पर दिल्ली में एक प्रमुख राजनीतिक पार्टी के मुख्यालय में ले जाए गए संदिग्ध 20 करोड़ रुपए की जानकारी भी मिली है।
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