दशहरे पर इस बार रावण के साथ सनातन धर्म 'विरोधियों' के भी जलेंगे पुतले? इन संभावित नामों पर हो सकता है संग्राम
इस बार दशहरे पर सनातन धर्म पर जारी विवाद को लेकर बड़ा सियासी संग्राम देखने को मिल सकता है। क्योंकि, दिल्ली में रामलीला समितियों की ओर से जो तैयारियां चल रही हैं, वह नई तरह के विवादों को जन्म दे सकता है।
न्यूइंडियन एक्स्प्रेस डॉट कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक रामलीला समितियों ने तय किया है कि इस बार दशहरे पर चौथा पुतला भी जलाया जाएगा और यह पुतला सनातन धर्म के आलोचकों के स्वरूप में हो सकती है।

सनातन 'विरोधियों' का जलेगा चौथा पुतला?
वैसे तो परंपरा यही है कि नवरात्रि के अंतिम दिन दशहरे के अवसर पर बुराई पर अच्छाई की जीत को दिखाने के लिए प्रतीक के तौर पर रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले जलाए जाते हैं। कई बार विशेष अवसरों पर चौथा पुतला भी शामिल किया जाता है, जिसे किसी 'बुराई' के तौर पर पेश किया जाता है। लेकिन, इस बार दिल्ली में जो चौथा पुतला जलाने पर विचार हो रहा है, वह नए राजनीतिक विवाद की वजह बन सकता है।
सनातन पर की गई टिप्पणियों पर निराशा जताना चाहते हैं- श्री रामलीला महासंघ
इस रिपोर्ट के मुताबिक इस बार रावण दहन के दौरान ऐसे करीब 650 पुतलों को जलाने की योजना है, जो उन नेताओं की होगी, जिन्होंने सनातन धर्म को लेकर विवादित और आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं।
650 रामलीला समितियों के संगठन श्री रामलीला महासंघ के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने कहा है, 'हम पुतलों को व्यक्तियों का नाम नहीं देंगे। हम हमारे धर्म के विरोध में की गई टिप्पणियों के प्रति अपनी निराशा व्यक्त करना चाहते हैं।'
बीजेपी ने 'सनातन धर्म विरोधियों' को शामिल करने की मांग की थी
उन्होंने कहा कि यह फैसला हाल ही में महासंघ की एक बैठक में आयोजकों ने सर्वसम्मति से लिया है। दिलचस्प बात ये है कि दिल्ली बीजेपी ने इस कदम का समर्थन भी किया है। इससे पहले दिल्ली बीजेपी ने महासंघ के अध्यक्ष से कहा था कि चौथे पुतले में प्रतीक के तौर पर 'सनातन धर्म विरोधियों' को शामिल करें।
इसको लेकर महासंघ को एक चिट्ठी भी लिखी गई थी और कुछ दिन पहले हुई एक बैठक में प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने पार्टी की इच्छा की उन्हें जानकारी भी दी थी।
केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने भी किया था अनुरोध-अर्जुन कुमार
अर्जुन कुमार के मुताबिक, 'हमें बीजेपी की ओर से एक चिट्ठी लिखी गई थी, जिसमें पार्टी ने समितियों से आग्रह किया था कि जो सनातन धर्म के खिलाफ बोलते हैं, चौथा पुतला उनका जलाएं। दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष और केंद्रीय जनजातीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने आग्रह किया था कि हमें उनके अनुरोध पर एक निर्णय लेना चाहिए।' इसमें रामलीला समितियों से संबंधित नेताओं की टिप्पणियों की निंदा करने के लिए भी कहा गया है।
रावण के साथ इन 'सनातन विरोधियों' का जलेगा पुतला?
इस तरह से डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन, समाजवादी पार्टी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य और दिल्ली के पूर्व मंत्री राजेंद्र पाल गौतम चौथे पुतले के लिए संभावित उम्मीदवार हो सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार चिट्ठी में इन तीनों के नाम शामिल हैं, जिनकी आपत्तिजनक टिप्पणियों की वजह से देश में एक आक्रोश पैदा हुआ है।
हाल के दिनों में सनातन धर्म के खिलाफ विवादित टिप्पणियां करने वालों में बिहार के विवादित शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर, कर्नाटक के मंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक खड़गे और डीएमके कुछ और बड़े नेता भी शामिल हैं।












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