चेन्नई: ED ने सील की कनिष्क गोल्ड की 48 करोड़ की प्रॉपर्टी

चेन्नई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जूलरी कंपनी 'कनिष्क' 824.15 करोड़ के लोन फ्रॉड मामले में 8 करोड़ की संपत्ति जब्त की है। मंगलवार को ईडी की टीम ने मनी लांडरिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत कंपनी की तमिलनाडु के पुक्कथुरई गांव में जमीन, भवन, कारखाना, पौधों और मशीनरी को जब्त कर लिया। आपको बता दें कि, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने चेन्नई की कनिष्क गोल्ड प्राइवेट लि. के खिलाफ कथित रूप से 824.15 करोड़ रुपए के लोन फ्राड का मामला दर्ज किया है।

Enforcement Directorate

कनिष्क ने भारतीय स्टेट बैंक की अगुवाई में 14 बैंकों के गठजोड़ से यह कर्ज लिया गया था। कंपनी 2017 से डिफॉल्टर हुई। एसबीआई ने कनिष्क पर रिकॉर्ड्स में फेरबदल और रातोंरात दुकान बंद करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि कंपनी ने कच्चा माल, सेमी फर्निश्ड माल, तैयार माल, स्टोर्स और ढेर सारा स्टॉक दिखाकर उसे गिरवी रखकर ऋण लिया था, जबकि बैंकों द्वारा 2017 के मई में गिरवी रखी गई संपत्ति की जांच करने पर पाया गया कि कंपनी का कामकाज रूका हुआ है और सारी संपत्तियों को फर्जीवाडा़ कर के दिखाया गया था।

लोन देने वालों में एसबीआई ने सर्वाधिक 240 करोड़ रुपये का ऋण, पंजाब नेशनल बैंक का 128 करोड़ रुपये का ऋण, बैंक ऑफ इंडिया का 46 करोड़ रुपये, आईडीबीआई का 49 करोड़ रुपये, सिंडीकेट बैंक का 54 करोड़ रुपये, यूनियन बैंक का 53 करोड़ रुपये, यूको बैंक का 45 करोड़ रुपये, सेंट्रल बैंक का 22 करोड़ रुपये, कार्पोरेशन बैंक का 23 करोड़ रुपये, बैंक ऑफ बड़ौदा का 32 करोड़ रुपये, तमिलनाडु र्मक टाइल बैंक का 27 करोड़ रुपये, एचडीएफसी का 27 करोड़ रुपये, आईसीआईसीआई का 27 करोड़ रुपये और आंध्रा बैंक का 32 करोड़ रुपये का लोन दिया था।

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